विद्यालयों की पेयरिंग समाप्त कर मूल स्थान पर भेजने की मांग तेज, 138 स्कूलों को लेकर शिक्षकों में आक्रोश; बीएसए कार्यालय पर प्रदर्शन की चेतावनी
कानपुर देहात। जिले में विद्यालयों की पेयरिंग का मामला एक बार फिर गरमा गया है। शासन की मंशा और निर्धारित मानकों के विपरीत की गई विद्यालयों की पेयरिंग अब तक समाप्त न किए जाने से शिक्षकों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ ने इस संबंध में बैठक कर विभागीय अधिकारियों से लंबित मामलों का जल्द निस्तारण करने की मांग उठाई है। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो बीएसए कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।
138 विद्यालयों को अब तक नहीं मिला मूल विद्यालय का दर्जा
शुक्रवार को एक गेस्ट हाउस में आयोजित जिला स्तरीय बैठक में जिलाध्यक्ष बृजेश सिंह यादव ने कहा कि अधिक दूरी पर विद्यालयों की पेयरिंग किए जाने से बच्चों को पढ़ाई में परेशानी हो रही है। उन्होंने बताया कि जनपद में करीब 138 विद्यालयों को अभी तक उनके मूल स्थान पर वापस नहीं भेजा गया है, जबकि इस संबंध में लगातार मांग की जा रही है।
उन्होंने रसूलाबाद विकासखंड के प्राथमिक विद्यालय हीरा निवादा का उदाहरण देते हुए बताया कि विद्यालय की पेयरिंग निरस्त करने संबंधी शिकायत पर करीब आठ महीने पहले तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की गई थी, लेकिन अब तक जांच और कार्रवाई पूरी नहीं हो सकी है।
पत्राचार तक सीमित कार्रवाई से शिक्षक परेशान
जिला मीडिया प्रभारी अरुण कटियार ने कहा कि शिक्षकों के विभागीय कार्य समय से पूरे नहीं हो रहे हैं। अधिकारी स्तर पर केवल पत्राचार होने के कारण शिक्षकों को अपने छोटे-छोटे कामों के लिए बार-बार कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। इससे शिक्षकों में असंतोष बढ़ रहा है।
शिक्षक संघ ने उठाईं ये प्रमुख मांगें
बैठक में संगठन की ओर से कई लंबित समस्याओं के समाधान की मांग की गई। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:
शासनादेश और निर्धारित मानकों के विपरीत पेयरिंग किए गए विद्यालयों को तत्काल उनके मूल विद्यालयों में वापस भेजा जाए।
चयन वेतनमान के बाद 12 वर्ष की संतोषजनक सेवा पूरी करने पर देय प्रोन्नत वेतनमान की लगभग 10 वर्षों से लंबित सूची तैयार कर पात्र शिक्षकों को लाभ दिया जाए।
प्रोन्नत वेतनमान से संबंधित सूची की एक प्रति शिक्षक संगठन को भी उपलब्ध कराई जाए।
ब्लॉक स्तर पर लंबित चयन वेतनमान की पत्रावलियों का शीघ्र निस्तारण किया जाए।
बड़ी संख्या में गायब हुई शिक्षकों की मूल सेवा पुस्तिकाओं के मामले की जांच कराई जाए और आवश्यकतानुसार नई मूल सेवा पुस्तिकाएं तैयार कराई जाएं।
मांगें पूरी न होने पर आंदोलन की चेतावनी
शिक्षक संघ के पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि शिक्षकों की समस्याओं को लंबे समय तक लंबित रखना उचित नहीं है। संगठन ने विभाग से मांग की है कि सभी प्रकरणों पर समयबद्ध कार्रवाई करते हुए शिक्षकों को राहत दी जाए। मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में बीएसए कार्यालय पर प्रदर्शन किया जाएगा।
बैठक में जिला मंत्री आदित्य गौतम, जिला उपाध्यक्ष महिला पूनम सचान, आनंद मिश्रा, गोविंद यादव, जैनेंद्र यादव, आनंद बाजपेई सहित संगठन के अन्य पदाधिकारी और शिक्षक मौजूद रहे।
