टीजीटी-पीजीटी भर्ती में पुरानी नियमावली के अनुसार एक और अवसर देने की मांग को लेकर प्रतियोगी छात्रों का आंदोलन मंगलवार को दूसरे दिन उग्र हो गया। शिक्षा निदेशालय के सामने रातभर धरने पर बैठे बेरोजगारों ने सुबह सड़क जाम कर विरोध जताया। दोपहर बाद पुलिस बैरियर तोड़कर निदेशालय परिसर में घुस गए। विभिन्न कार्यालयों में पहुंचकर नारेबाजी की और कुछ कक्षों को बंद कराने का प्रयास किया। वहीं, निदेशालय के अधिकारियों ने प्रदर्शनकारी छात्रों पर कार्यालय में घुसकर तोड़-फोड़ करने का आरोप लगाया।
सोमवार से धरने पर बैठे बेरोजगारों ने पूरी रात खुले आसमान के नीचे गुजारी। मंगलवार सुबह आंदोलन में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों की संख्या और बढ़ गई। दोपहर तकरीबन तीन बजे प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर उतरकर आवागमन रोक दिया। इसके बाद बैरियर पार कर निदेशालय परिसर में पहुंच गए। यहां पुरानी नियमावली बहाल करो और एक अवसर दो के नारे लगाए। विरोध बढ़ने पर परिसर में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई। आंदोलन का नेतृत्व कर रहे आशुतोष पांडेय ने कहा कि अभ्यर्थी अपनी मांग शांतिपूर्ण तरीके से उठा रहे हैं, लेकिन अधिकारी बातचीत तक करने को तैयार नहीं हैं। उन्होंने दावा किया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी पुरानी नियमावली के अनुसार अवसर देने की बात कही थी। इसके बावजूद अधिकारी मनमानी कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि मांग पूरी होने तक कोई प्रतियोगी छात्र घर नहीं लौटेगा। बेरोजगारों का कहना है कि उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग ने टीजीटी के 17,735 पदों पर भर्ती निकाली है। भर्ती नियमों में बदलाव के कारण बड़ी संख्या में प्रतियोगी छात्र आवेदन की पात्रता से बाहर हो गए हैं।
निदेशालय परिसर में हनुमान चालीसा पाठ
शिक्षा निदेशालय परिसर में धरने पर बैठे प्रतियोगी छात्रों ने हनुमान चालीसा का पाठ किया। इस दौरान कई छात्राओं ने गीत गाकर अपनी मांग उठाई। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि जब तक पुरानी नियमावली के अनुसार अवसर देने का निर्णय नहीं लिया जाता, आंदोलन जारी रहेगा।
तोड़फोड़ का आरोप, सुरक्षा की मांग
अपर शिक्षा निदेशक (माध्यमिक) कामता राम पाल ने जिलाधिकारी और पुलिस आयुक्त को पत्र लिखकर सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है। पत्र के अनुसार दोपहर करीब तीन बजे प्रदर्शनकारियों ने मुख्य द्वार के सामने वीआईपी रोड पर दोनों ओर जाम लगा दिया। इसके बाद परिसर में घुसकर पुलिस बैरिकेडिंग तोड़ दी। अनुभागों में फर्नीचर और अधिकारियों-कर्मचारियों के वाहन क्षतिग्रस्त करने तथा अभद्रता का भी आरोप है। कर्मचारियों के अनुसार चार दोपहिया वाहन, अपर शिक्षा निदेशक के कार्यालय का दरवाजा तोड़ने का प्रयास, कुर्सियां और मेजें तोड़ी गईं। अपर शिक्षा निदेशक ने सरकारी कामकाज प्रभावित होने का हवाला देते हुए पुलिस बल तैनात करने की मांग की है।
कर्मचारी संघ ने निदेशालय में अवकाश करने की मांग उठाई
शिक्षा निदेशालय मिनिस्टीरियल कर्मचारी संघ के मंत्री सुधीर सिंह यादव ने शिक्षा निदेशक को पत्र भेजा। मांग की कि मंगलवार को को बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने कार्यालय में प्रवेश किया और कर्मचारियों के साथ मारपीट और उनके वाहनों में तोड़फोड़ की। इससे कर्मचारियों में भय का माहौल है। पर्याप्त पुलिस सुरक्षा मिलने और छात्रों का आंदोलन समाप्त होने तक कार्यालय में अवकाश घोषित किया जाए। संघ ने स्पष्ट किया कि इस दौरान किसी अप्रिय घटना की जिम्मेदारी निदेशालय के सक्षम अधिकारियों की होगी।
