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Wednesday, October 28, 2026

Census 2027: जनगणना के आंकड़े लीक होने पर कार्रवाई, हर दस्तावेज का देना होगा हिसाब

 Census 2027: जनगणना के आंकड़े लीक होने पर कार्रवाई, हर दस्तावेज का देना होगा हिसाब

नई दिल्ली। जनगणना 2027 को लेकर केंद्र सरकार ने आंकड़ों की सुरक्षा और लोगों की व्यक्तिगत जानकारी की गोपनीयता बनाए रखने पर विशेष जोर दिया है। समाचार पत्र में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, जनगणना के दौरान जुटाए गए आंकड़ों का गलत इस्तेमाल करने, गोपनीयता के नियम तोड़ने या रिकॉर्ड सुरक्षित रखने में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों पर कार्रवाई की जा सकती है।





भारत के महापंजीयक एवं जनगणना आयुक्त मृत्युंजय कुमार नारायण की ओर से इस संबंध में निर्देश जारी किए जाने की जानकारी रिपोर्ट में दी गई है।


जनगणना के आंकड़ों की सुरक्षा होगी प्राथमिकता

जनगणना के दौरान नागरिकों से जुटाई गई जानकारी का उपयोग निर्धारित उद्देश्यों के लिए किया जाएगा। रिपोर्ट के मुताबिक, आंकड़ों की सुरक्षा, उनका सही इस्तेमाल और गोपनीयता बनाए रखना संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी होगी।


जनगणना से जुड़े दस्तावेजों और रिकॉर्ड का पूरा हिसाब रखना भी जरूरी होगा। किसी भी प्रकार की अनियमितता या गोपनीय जानकारी के अनुचित इस्तेमाल पर कार्रवाई की जा सकती है।


सात दिन के भीतर करनी होगी डेटा एंट्री

रिपोर्ट के अनुसार, प्रगणक और पर्यवेक्षक मोबाइल एप के माध्यम से जुटाए गए आंकड़ों को केंद्रीय सर्वर पर भेजेंगे। जनगणना का काम पूरा होने के बाद सात दिनों के भीतर डेटा एंट्री और संबंधित रिकॉर्ड की प्रक्रिया पूरी करनी होगी।


यदि नेटवर्क या तकनीकी समस्या के कारण आंकड़े तुरंत अपलोड नहीं हो पाते हैं, तो निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार बाद में डेटा दर्ज किया जा सकेगा।


दस्तावेजों का हिसाब और रिकॉर्ड सुरक्षित रखना जरूरी

जनगणना से संबंधित कागजी प्रपत्रों और डिजिटल रिकॉर्ड का उचित रखरखाव करना होगा। रिपोर्ट में बताया गया है कि आंकड़ों को केंद्रीय सर्वर पर भेजने के साथ-साथ आवश्यक दस्तावेजों का हिसाब रखना भी अनिवार्य होगा।


डिजिटल रिकॉर्ड का सत्यापन किया जाएगा, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि दर्ज की गई जानकारी मूल रिकॉर्ड से मेल खाती है।


डाक विभाग को सौंपने से पहले होगी जांच

समाचार रिपोर्ट के अनुसार, जनगणना से जुड़े कागजी दस्तावेजों को डाक विभाग को सौंपने से पहले उनकी पैकिंग और जांच की जाएगी। दस्तावेजों को अलग-अलग डिब्बों में सुरक्षित रखा जाएगा और उनकी सूची तैयार की जाएगी।


रिकॉर्ड को आग, बाढ़, बारिश, धूल और चूहों से बचाने के लिए भी आवश्यक व्यवस्था करनी होगी। प्रत्येक डिब्बे में रखी सामग्री का विवरण दर्ज करना जरूरी होगा, ताकि जरूरत पड़ने पर रिकॉर्ड का पता लगाया जा सके।


डिजिटल और कागजी रिकॉर्ड का मिलान

प्रगणक और पर्यवेक्षक यह सुनिश्चित करेंगे कि डिजिटल रिकॉर्ड तथा मूल कागजी प्रपत्रों में दर्ज जानकारी के बीच कोई अंतर न हो। आंकड़ों की शुद्धता और गोपनीयता बनाए रखने के लिए निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन करना आवश्यक होगा।


निष्कर्ष: जनगणना 2027 में आंकड़ों की सुरक्षा, रिकॉर्ड का रखरखाव और नागरिकों की व्यक्तिगत जानकारी की गोपनीयता महत्वपूर्ण विषय होंगे। संबंधित कर्मचारियों को निर्धारित नियमों का पालन करते हुए डेटा एंट्री, सत्यापन और दस्तावेजों के सुरक्षित रखरखाव की प्रक्रिया पूरी करनी होगी।


 

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