झटका : RBI ने 0.25% बढ़ाया रेपो रेट, अब महंगे होंगे लोन ; जानिए किन किन लोन पर पड़ेगा असर और कितनी बढ़ेगी EMI
EMI महंगा!
रिज़र्व बैंक ने इंटरेस्ट रेट बढ़ाया! सस्ती किश्त का दौर ख़तम!
0.25 %की वृद्धि!
रिज़र्व बैंक ने कहा महगाई बढ़ने का खतरा!
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने महंगाई पर काबू पाने के लिए बड़ा फैसला लेते हुए रेपो रेट में 25 बेसिस पॉइंट यानी 0.25% की बढ़ोतरी कर दी है। इसके साथ ही रेपो रेट 5.25% से बढ़कर 5.50% हो गया है। RBI की मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी (MPC) ने यह फैसला सर्वसम्मति से लिया। करीब चार साल बाद RBI ने रेपो रेट बढ़ाया है। इससे बैंकों के लिए फंडिंग महंगी होगी और इसका असर आगे चलकर ग्राहकों के लोन की ब्याज दरों पर पड़ सकता है।
इसका सीधा असर फ्लोटिंग रेट वाले होम लोन(home loan), कार लोन (car loan) और दूसरे कर्ज लेने वालों पर पड़ सकता है। बैंक अगर रेपो रेट बढ़ोतरी का पूरा असर ग्राहकों तक पहुंचाते हैं, तो EMI बढ़ सकती है या लोन की अवधि लंबी हो सकती है।
क्यों बढ़ाया गया रेपो रेट?
RBI के सामने इस समय सबसे बड़ी चुनौती महंगाई को लेकर है। अगस्त में खुदरा महंगाई दर बढ़कर 4.82% पहुंच गई, जो RBI के 4% के लक्ष्य से लगातार तीसरे महीने ऊपर रही। इसके अलावा पश्चिम एशिया में तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई है। महंगा क्रूड भारत के लिए चिंता का विषय है, क्योंकि इससे पेट्रोल-डीजल से लेकर ट्रांसपोर्ट और दूसरी चीजों की लागत बढ़ सकती है।
होम लोन की EMI बढ़ सकती है
रेपो रेट (Repo rate) बढ़ने का सबसे बड़ा असर फ्लोटिंग रेट वाले लोन पर पड़ सकता है। रेपो रेट बढ़ने से बैंकों के लिए पैसा महंगा होता है और इसका असर ग्राहकों को दिए जाने वाले लोन की ब्याज दरों पर पड़ सकता है।
मान लीजिए आपने ₹50 लाख का होम लोन 25 साल के लिए 7.50% ब्याज दर पर लिया है। अभी आपकी EMI करीब ₹36,950 है। अगर ब्याज दर 0.25% बढ़कर 7.75% हो जाती है तो EMI करीब ₹37,766 हो जाएगी। यानी हर महीने करीब ₹817 ज्यादा देने पड़ सकते हैं। साल भर में यह करीब ₹9,800 का अतिरिक्त बोझ है। हालांकि वास्तविक असर आपके बैंक की रीसेट डेट और लोन की शर्तों पर निर्भर करेगा।
कुछ बैंक EMI बढ़ाने के बजाय लोन की अवधि बढ़ा सकते हैं। वहीं फिक्स्ड रेट वाले लोन पर तत्काल कोई असर देखने नहीं मिल सकता है।
कार और पर्सनल लोन भी हो सकते हैं महंगे?
होम लोन के अलावा कार लोन, टू-व्हीलर लोन और पर्सनल लोन की ब्याज दरों पर भी असर पड़ सकता है। खासकर नए लोन लेने वालों को महंगी दरों का सामना करना पड़ सकता है। मौजूदा फ्लोटिंग रेट लोन वालों की EMI या Loan की अवधि बढ़ सकती है।
FD वालों के लिए अच्छी खबर
रेपो रेट बढ़ने का फायदा बचत करने वालों और FD निवेशकों को मिल सकता है। अगर बैंक जमा दरों में भी बढ़ोतरी करते हैं तो नई FD कराने वालों को ज्यादा ब्याज मिल सकता है।
उदाहरण के लिए, अगर आप ₹10 लाख की 1 साल की FD 7% पर करते हैं तो करीब ₹70,000 ब्याज मिलेगा। अगर ब्याज दर बढ़कर 7.25% हो जाती है तो ब्याज करीब ₹72,500 होगा। यानी ₹2,500 ज्यादा मिल सकते हैं। हालांकि पहले से चल रही FD की ब्याज दर आमतौर पर नहीं बदलती। बढ़ी हुई दर का फायदा नई FD कराने या पुरानी FD के मैच्योर होने पर रिन्यू कराने पर मिलता है।

