452 विद्यालयों की प्रतिमाह स्वमूल्यांकन फीडिंग आज तक नहीं
लखनऊ। प्रदेश में परिषदीय विद्यालयों की दशा सुधारने के लिए चल रहे ऑपरेशन कायाकल्प में नौ जिले सबसे ज्यादा पिछड़े हैं। इनमें अयोध्या, महोबा, हाथरस, अमरोहा, कानपुर देहात, ललितपुर, बस्ती, मथुरा व संत कबीरनगर शामिल हैं। यहाँ 31 मार्च, 2022 से मूलभूत अवस्थापना सुविधाओं को बढ़ाने में प्रगति बहुत कमजोर है। विभिन्न जिलों के 452 ऐसे स्कूल हैं, जिनकी अवस्थापना सुविधाओं पर विद्यालय के स्वमूल्यांकन की फोडिंग में प्रेरणा पोर्टल पर कभी नहीं की गई अन्य मामलों में भी अलग-अलग जिले पिछड़े है।
इसका खुलासा बीते दिनों जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों व जिला समन्वयकों की समीक्षा बैठक में हुआ है। महानिदेशक स्कूल शिक्षा विजय किरन आनंद ने इस पर नाराजगी जताते हुए जल्द कमियां दूर कराने के निर्देश दिए हैं। ऑपरेशन कायाकल्प में 19 अवस्थापना सुविधाओं को सभी परिषदीय विद्यालयों में विकसित करने को कवायद हो रही है।
इसी क्रम में विद्यालयों के स्वमूल्यांकन को फीडिंग प्रेरणा पोटल पर कराई जाती है, लेकिन मुख्य रूप से आगरा के 94 कानपुर देहात के 64, गाजीपुर के 30, महोबा के 25, अमेठी के 22, आजमगढ़ के 15 व मैनपुरी के 14 ऐसे परिषदीय विद्यालय है, जिनको कभी फीडिंग नहीं हुई।
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