उर्दू-अरबी-फारसी शिक्षकों के ट्रांसफर पर तेजस्वी यादव का सवाल, सीएम सम्राट चौधरी को लिखे खत में क्या मांग?
पटना. राष्ट्रीय जनता दल के कार्याकरी अध्यक्ष और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने दावा किया है कि कुछ स्कूलों में जिस विषय का सिर्फ एक शिक्षक है, उसे भी ‘सरप्लस’ बताकर ट्रांसफर की सूची में डाल दिया गया. इसके साथ ही उन्होंने अनुदानित मदरसों और संस्कृत विद्यालयों के शिक्षकों-कर्मियों के लंबित वेतन का मुद्दा भी उठाया है. तेजस्वी यादव ने अपने पत्र में कहा है कि शिक्षकों के स्थानांतरण की मौजूदा प्रक्रिया को लेकर लगातार शिकायतें मिल रही हैं. खास तौर पर उर्दू, अरबी और फारसी विषयों के शिक्षकों के साथ कथित तौर पर भेदभाव की शिकायत सामने आ रही है.
एक शिक्षक को सरप्लस बताने पर सवाल
तेजस्वी यादव ने कहा कि अगर किसी स्कूल में किसी विषय का केवल एक शिक्षक है और उसे भी सरप्लस बताकर हटा दिया जाता है, तो उस स्कूल में उस विषय की पढ़ाई प्रभावित होगी. तेजस्वी ने ऐसे मामलों की दोबारा जांच और नियम के खिलाफ पाए जाने वाले तबादलों को रद्द करने की मांग की है.
सिर्फ ट्रांसफर नहीं, वेतन का भी मुद्दा
तेजस्वी यादव ने सिर्फ शिक्षकों के तबादले का सवाल नहीं उठाया है. उन्होंने अनुदानित मदरसों और संस्कृत विद्यालयों के शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मचारियों के लंबित वेतन का भी मुद्दा मुख्यमंत्री के सामने रखा है. पत्र में उन्होंने दावा किया है कि कई कर्मचारियों को कई महीनों से वेतन नहीं मिला है. उन्होंने सरकार से लंबित वेतन का तत्काल भुगतान करने की मांग की है.

