68,500 शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों का बेसिक शिक्षा मंत्री के आवास पर दूसरे दिन भी प्रदर्शन
नियुक्ति की मांग को लेकर अभ्यर्थियों ने लगाया धरना, 22 सितंबर को प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात का मिला आश्वासन
जासं, अलीगढ़। नियुक्ति की आस में बैठे 68,500 सहायक शिक्षक भर्ती-2018 के अभ्यर्थियों ने रविवार को लगातार दूसरे दिन प्रदेश के बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह के आवास के बाहर धरना-प्रदर्शन किया। प्रदेश के विभिन्न जिलों से पहुंचे अभ्यर्थियों ने नारेबाजी करते हुए सरकार से लंबित नियुक्तियों का रास्ता साफ करने की मांग की।
प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों की प्रमुख मांग है कि उत्तर प्रदेश राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग की संस्तुति के अनुसार ओबीसी अभ्यर्थियों को उत्तीर्णांक में पांच प्रतिशत की छूट दी जाए। अभ्यर्थियों का कहना है कि नियुक्ति की प्रतीक्षा में उनकी उम्र लगातार बढ़ रही है और इससे उनका भविष्य प्रभावित हो रहा है।
दूसरे दिन भी जारी रहा प्रदर्शन
अभ्यर्थियों के अनुसार, बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री संदीप सिंह शनिवार को शहर में मौजूद थे, लेकिन प्रदर्शनकारियों से उनकी मुलाकात नहीं हो सकी। अधिकारियों की ओर से 22 सितंबर को मंत्री से मुलाकात कराने का आश्वासन दिया गया था।
इसके बाद रविवार सुबह करीब 11 बजे अभ्यर्थी फिर मंत्री के आवास पहुंचे। हाथों में नारे लिखी तख्तियां लेकर उन्होंने प्रदर्शन किया और लंबित नियुक्ति प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की मांग उठाई।
दोपहर तक चला धरना
प्रदर्शनकारियों ने करीब दोपहर दो बजे तक धरना दिया। उनका कहना है कि सरकार को मामले में जल्द निर्णय लेकर नियुक्ति प्रक्रिया पूरी करनी चाहिए।
मंत्री के पीआरओ आशीष कुमार ने अभ्यर्थियों को बताया कि मंत्री दिल्ली गए हैं। उन्होंने 22 सितंबर को सर्किट हाउस में अभ्यर्थियों के प्रतिनिधिमंडल की मंत्री से मुलाकात कराने का आश्वासन दिया।
पांच प्रतिशत छूट की मांग
अभ्यर्थियों का कहना है कि उत्तर प्रदेश राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग की संस्तुति के अनुरूप ओबीसी अभ्यर्थियों को उत्तीर्णांक में पांच प्रतिशत की छूट दिए जाने से संबंधित मांग पर सरकार को निर्णय लेना चाहिए। उनका कहना है कि लंबे समय से नियुक्ति की प्रतीक्षा के कारण अभ्यर्थियों की आयु बढ़ती जा रही है।
अब सभी की निगाहें 22 सितंबर को प्रस्तावित प्रतिनिधिमंडल की मुलाकात पर टिकी हैं। अभ्यर्थियों को उम्मीद है कि बैठक में उनकी मांगों पर सरकार की ओर से कोई स्पष्ट निर्णय सामने आएगा।

