लखनऊ। परिषदीय विद्यालयों की गुणवत्ता अब हर महीने परखी जाएगी। प्रत्येक माह के चौथे के शनिवार को खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) अपने क्षेत्र प्रधानाध्यापकों के साथ बैठक कर शैक्षिक गुणवत्ता की समीक्षा करेंगे। मानकों की कसौटी पर स्कूलों का रिपोर्ट कार्ड तैयार किया जाएगा।
बीईओ व प्रधानाध्यापकों की बैठक में होने वाली मासिक समीक्षा में निपुण भारत मिशन, कैचअप शिक्षण, होलिस्टिक प्रोग्रेस रिपोर्ट कार्ड, नामांकन, उपस्थिति, बालिका शिक्षा, समावेशी शिक्षा, प्री-प्राइमरी शिक्षा, डिजिटल संसाधन और पीएम पोषण की स्थिति की समीक्षा होगी। इस आधार पर सुधार के लिए कदम उठाए जाएंगे।
महानिदेशक स्कूल शिक्षा मोनिका रानी की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि नियमित समीक्षा तंत्र बनाकर स्कूल, ब्लाक, जिला व राज्य स्तर तक निरंतर निगरानी व सुधारात्मक कार्रवाई के लिए निर्धारित व्यवस्था होगी। समीक्षा में देखा जाएगा कि शैक्षिक कैलेंडर का पालन व मासिक पाठ्यक्रम के लक्ष्य की प्राप्ति हो रही है या नहीं। छात्रों को पढ़ने व सीखने में कठिनाई तो नहीं आ रही, निपुण तालिकाओं में दक्षताओं का अंकन, निपुण एप के नियमित आकलन व परख आकलन के परिणामों की समीक्षा भी होगी। ब्यूरो
