बिहार राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ ने प्रोन्नति में देरी पर जताया असंतोष
पटना उच्च न्यायालय के द्वारा राघवेंद्र शर्मा एवं अन्य बनाम बिहार सरकार एवं अन्य मामले में विगत 12 जुलाई 2022 को पारित आदेश के आलोक में निदेशक प्राथमिक शिक्षा, बिहार, पटना के द्वारा 27 फरवरी 2023 को राज्य के सभी जिलों को आदेश जारी कर सुयोग्य शिक्षकों को एमएसीपी का लाभ देने का निर्देश दिया गया था. राज्य के लगभग 37 जिलों में भूत लक्ष्मी प्रभाव से स्नातक एवं प्रधानाध्यापक पूर्णमति की तिथि में संशोधन के बाद एमएसीपी दिया जा चुका है. उक्त आशय की जानकारी बिहार राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ (गोप गुट) की जिलाध्यक्षा सुनीता सिन्हा ने दी.
उन्होंने बताया कि जिला शिक्षा कार्यालय के संबंधित लिपिक की लापरवाही एवं सुस्त रवैया के कारण जिले के लगभग 600 स्नातक शिक्षक एवं प्रधानाध्यापक एमएसीपी के लाभसे वंचित हो रहे हैं।
उन्होंने कहा कि नए जिला शिक्षा पदाधिकारी हेमचंद्र से सभी शिक्षकों को काफी उम्मीद है. जिस जिले से जिला शिक्षा पदाधिकारी नालंदा आए हैं, वहां भी शिक्षकों को प्रोन्नति तिथि में संशोधन कर शिक्षकों को लाभान्वित किया जा चुका है. यहां भी इनके द्वारा शिक्षक प्रतिनिधियों को आश्वासन दिया गया है कि वह शीघ्र ही शिक्षकों की सारी समस्याओं का समाधान कर देंगे. हालांकि अभी तक संबंधित शिक्षकों को इसका लाभ नहीं मिल सका है. पूर्व के जिला शिक्षा पदाधिकारी का कहना था कि जो 10/20/30 वर्षीय एमएसीपी का लाभ
लेंगे, उन्हें भूत लक्ष्मी प्रभाव से प्रोन्नति का लाभ नहीं दिया जायेगा. इस प्रकार जिला में लगभग 60 से 70 शिक्षकों को 10/20/30 वर्षीय एमएसीपी का लाभ दिया जा रहा है. इस क्रम में बिहार राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ गोप गुट के द्वारा भी 150 सेवा पुस्तिका को कार्यालय में जमा किया गया था.
उनमें से 20 सेवा पुस्तिका पर तत्कालीन जिला कार्यक्रम पदाधिकारी स्थापना नालंदा के द्वारा वेतन निर्धारण कराया गया था, लेकिन उनका अन्यत्र स्थानांतरण हो गया था. इसके बाद इस दिशा में जिला शिक्षा कार्यालय के द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है. इससे जिले के शिक्षक अपने वाजिब हक से वंचित हो रहे हैं. उन्होंने जिला शिक्षा पदाधिकारी से संबंधित शिक्षकों को भूतलक्षी प्रभाव से एमएसीपी का लाभ देने की मांग की है.

