Primary Ka Master Latest Updates👇

Friday, September 25, 2026

ट्रेन में अचानक बिगड़ जाए तबीयत तो क्या करें? स्टेशन आने का मत करना इंतजार, ये नंबर अभी कर लें नोट

ट्रेन में अचानक बिगड़ जाए तबीयत तो क्या करें? स्टेशन आने का मत करना इंतजार, ये नंबर अभी कर लें नोट

ट्रेन में सफर के दौरान अचानक किसी यात्री की तबीयत खराब हो जाए तो मदद के लिए स्टेशन आने तक इंतजार करने की जरूरत नहीं है. भारतीय रेलवे ने ट्रेन के अंदर मेडिकल इमरजेंसी के लिए व्यवस्था कर रखी है. यात्री 139 पर मेडिकल सहायता मांग सकता है. रेलवे की हेल्पलाइन 139 को मेडिकल और सुरक्षा सहायता के लिए इस्तेमाल किया जाता है.



जरूरत पड़ने पर ट्रेन में मौजूद TTE, गार्ड या ट्रेन सुपरिंटेंडेंट को भी इसकी जानकारी दी जा सकती है. रेलवे की व्यवस्था के मुताबिक, सूचना मिलने के बाद अगले ऐसे स्टेशन पर मेडिकल मदद का इंतजाम किया जाता है, जहां डॉक्टर उपलब्ध हो.


पहले ट्रेन में ही मिल सकती है फर्स्ट एड

हर मेडिकल परेशानी के लिए यात्री को ट्रेन से उतरना जरूरी नहीं होता. रेलवे के मुताबिक, यात्री ट्रेनों में फर्स्ट एड की सुविधा उपलब्ध रहती है. गार्ड के पास फर्स्ट एड बॉक्स होता है और जरूरत पड़ने पर शुरुआती मदद दी जा सकती है.

अगर मामला सिर्फ उपलब्ध दवा या प्राथमिक उपचार से संभल जाता है तो वहीं मदद दी जाती है... लेकिन अगर डॉक्टर की जरूरत हो तो ट्रेन स्टाफ अगले स्टेशन से मेडिकल सहायता की व्यवस्था के लिए संबंधित रेलवे अधिकारियों को सूचना देता है.

अगले स्टेशन पर डॉक्टर कैसे मिलेगा?

मान लीजिए ट्रेन में किसी यात्री को अचानक तेज तबीयत खराब होने की शिकायत होती है. ऐसी स्थिति में यात्री खुद या उसके साथ सफर कर रहा व्यक्ति TTE, गार्ड या ट्रेन सुपरिंटेंडेंट को तुरंत जानकारी दे सकता है. इसके बाद रेलवे की ओर से अगले स्टेशन पर डॉक्टर की व्यवस्था कराने की प्रक्रिया शुरू की जाती है.


भारतीय रेलवे की यात्री सेवा संबंधी जानकारी में साफ कहा गया है कि ट्रेन में मेडिकल इमरजेंसी होने पर TTE या ट्रेन सुपरिंटेंडेंट के जरिए अगले स्टेशन को सूचना भेजी जाती है, जहां डॉक्टर मरीज को देख सकता है. इलाज के लिए डॉक्टर को निर्धारित शुल्क देना होता है.

क्या सेवा पूरी तरह फ्री है?

यहां एक जरूरी बात समझना जरूरी है. मेडिकल मदद की व्यवस्था रेलवे कराता है, लेकिन डॉक्टर का इलाज या परामर्श हर स्थिति में मुफ्त हो, ऐसा रेलवे की उपलब्ध जानकारी में नहीं कहा गया है. रेलवे के आधिकारिक दस्तावेजों में मेडिकल सहायता के लिए डॉक्टर को शुल्क दिए जाने का उल्लेख है.


अस्पताल ले जाने की जरूरत पड़े तो?

अगर यात्री की हालत ऐसी है कि अस्पताल में भर्ती कराने की जरूरत है तो उसे यात्रा बीच में रोकनी पड़ सकती है. रेलवे की यात्री सेवा जानकारी के मुताबिक, ऐसी स्थिति में यात्री को अस्पताल तक पहुंचाने या सरकारी अस्पताल की जानकारी देने में मदद की जाती है. प्रमुख स्टेशनों पर आसपास के डॉक्टरों और अस्पतालों की जानकारी भी प्रदर्शित की जाती है.


तबीयत खराब होने पर सबसे पहले क्या करें?

ट्रेन में किसी यात्री की तबीयत अचानक बिगड़ती है तो सबसे पहले TTE, गार्ड या ट्रेन सुपरिंटेंडेंट को बताएं या 139 पर मेडिकल सहायता मांगें. मेडिकल इमरजेंसी में रेलवे अगले स्टेशन पर उपलब्ध मेडिकल सुविधा से संपर्क कर सकता है. ट्रेन में मौजूद फर्स्ट एड से शुरुआती मदद भी दी जा सकती है.




ट्रेन में अचानक बिगड़ जाए तबीयत तो क्या करें? स्टेशन आने का मत करना इंतजार, ये नंबर अभी कर लें नोट Rating: 4.5 Diposkan Oleh: UP UPDATEMART

Social media link