तैयारी: एनपीएस में नियमित पेंशन पाने के विकल्प बढ़ेंगे
पेंशन फंड और अन्य वित्तीय कंपनियों को पेंशन प्लान बेचने की मिल सकती है अनुमति
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नई दिल्ली। राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस) के तहत सेवानिवृत्ति के बाद नियमित पेंशन पाने के विकल्प बढ़ सकते हैं। पेंशन नियामक पीएफआरडीए एनपीएस बाजार में प्रतिस्पर्धा बढ़ाने के लिए पेंशन फंड और अन्य पात्र संस्थाओं को भी एन्युटी उत्पाद (पेंशन प्लान) बेचने की अनुमति देने पर विचार कर रहा है।
वर्तमान नियमों के अनुसार, एनपीएस सदस्य जब 60 वर्ष की आयु पूरी कर सेवानिवृत्त होता है, तो उसे अपने संचित कोष (कॉर्पस) का कम से कम 40 फीसदी हिस्सा एन्युटी यानी पेंशन प्लान खरीदने के लिए अनिवार्य रूप से लगाना पड़ता है। इसी 40 फीसदी रकम के आधार पर उसे आजीवन मासिक पेंशन प्राप्त होती है।
मौजूदा व्यवस्था में बीमा कंपनियों के चुने गए पेंशन प्लान (एन्युटी) और उसकी शर्तों के अनुसार नियमित पेंशन मिलती है। कुछ योजनाओं में जीवनभर भुगतान का प्रावधान होता है, जबकि मृत्यु के बाद रकम नामित व्यक्ति को मिलेगी या नहीं, यह चुने गए विकल्प पर निर्भर करता है।
नई व्यवस्था में यह सुनिश्चित किया जाएगा कि निवेशक की मृत्यु के पश्चात उसका अप्रयुक्त पूरा कोष परिवार को वापस मिले।
### पेंशनभोगियों को क्या फायदा?
विशेषज्ञों के मुताबिक, इस कदम से एन्युटी बाजार में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। वर्तमान में जब कोई पेंशन फंड पूरे सेवाकाल के दौरान अंशधारक के पैसे का प्रबंधन करता है, तो सेवानिवृत्ति के समय उसे वह कोष किसी बीमा कंपनी को स्थानांतरित करना पड़ता है।
यदि पेंशन फंड को स्वयं एन्युटी जारी करने की अनुमति मिलती है, तो वे बेहतर पेंशन दरें पेश कर सकेंगे।
### सुनिश्चित पेंशन देने पर भी विचार
पीएफआरडीए चेयरमैन के मुताबिक, नियामक केंद्र सरकार की यूपीएस से प्रेरणा लेते हुए जमा कोष और चुने गए एसेट एलोकेशन के आधार पर न्यूनतम सुनिश्चित आय उपलब्ध कराने के मॉडल पर काम कर रहा है। इसके लिए गठित विशेषज्ञ समिति ने ‘रिटायरमेंट इनकम स्कीम’ का मसौदा तैयार किया है।
इस योजना के तहत बाजार आधारित गारंटी तंत्र की समीक्षा की जा रही है, जिससे सेवानिवृत्त अंशधारकों को जीवनभर एक तय आय का भरोसा मिल सके।
केवल पंजीकृत जीवन बीमा कंपनियों से ही एन्युटी खरीदे जाने की मौजूदा व्यवस्था में बदलाव पर विचार किया जा रहा है। नियामक दूसरी संस्थाओं को भी ऐसे उत्पाद उपलब्ध कराने की अनुमति देने पर गंभीरता से विचार कर रहा है।
