छह नवम्बर को धनतेरस के साथ दीपोत्सव शुरू होगा, धनतेरस पर खरीदारी का शुभ मुहूर्त दोपहर 12 से
कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि पर धनतेरस के साथ पांच दिवसीय दीपोत्सव (दीपावली) के पर्व का शुभारंभ होगा।
दीपोत्सव धनतेरस (छह नवम्बर) से शुरू होकर भाई दूज तक 10 नवम्बर तक चलेगा। इस दौरान छह नवम्बर को धनतेरस, सात को नरक चतुर्दशी व हनुमान जयंती, आठ नवम्बर को दीपावली, नौ को गोवर्धन पूजा और 10 को भाई दूज व चित्रगुप्त पूजन मनाया जाएगा।
धनतेरस पर शुभ संयोग, शानदार बिक्री का योग
ज्योतिषाचार्य एसएस नागपाल ने बताया कि काशी पंचांग के अनुसार त्रयोदशी तिथि छह नवम्बर शुक्रवार को सुबह 11.07 से प्रारम्भ होकर सात नवंबर को सुबह 11.44 तक रहेगी। धनतेरस के शुभ अवसर पर इस बार कई शुभ संयोग बन रहे हैं।
धनतेरस पर शुक्र चन्द्रमा कन्या राशि में संचार करेंगे। इस दिन व्यापारियों को धन लाभ करवाने वाला हस्त नक्षत्र भी रहेगा। इस योग के प्रभाव से इस बार धनतेरस पर धन में वृद्धि हो सकती है। हस्तनक्षत्र व्यापारियों के लिए शानदार बिक्री के योग बना रहा है। इस नक्षत्र में की जाने वाली खरीदारी भी बहुत शुभ मानी जाती है। इस दिन लोग बर्तन, चांदी, सोना, वाहन, प्रापर्टी, इलेक्ट्रानिक सामान, वस्त्र आदि की खरीददारी करते हैं।
धनतेरस पर भगवान कुबेर व धन्वंतरि का पूजन
धनतेरस पर धनाध्यक्ष कुबेर की पूजा होती है व धन्वंतरि जयंती भी होती है। इस दिन आयुर्वेद के जन्मदाता भगवान धन्वंतरि का समुद्र मंथन से प्राकट्य हुआ था। इस दिन भगवान धन्वंतरि की पूजा की जाती है। उनसे आरोग्य की कामना की जाती है। इस दिन यमदीप दान भी किया जाता है। शाम को आटे या मिट्टी के दीपक में तेल डालकर चार बत्तियां जलाकर मुख्य द्वार के पास रखा जाता है। इस दीपदान से असामयिक मृत्यु का भय समाप्त होता है।
लखनऊ, संवाददाता। कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि पर धनतेरस के साथ पांच दिवसीय दीपोत्सव (दीपावली) के पर्व का शुभारंभ होगा।
दीपोत्सव धनतेरस (छह नवम्बर) से शुरू होकर भाई दूज तक 10 नवम्बर तक चलेगा। इस दौरान छह नवम्बर को धनतेरस, सात को नरक चतुर्दशी व हनुमान जयंती, आठ नवम्बर को दीपावली, नौ को गोवर्धन पूजा और 10 को भाई दूज व चित्रगुप्त पूजन मनाया जाएगा।
धनतेरस पर शुभ संयोग, शानदार बिक्री का योग
ज्योतिषाचार्य एसएस नागपाल ने बताया कि काशी पंचांग के अनुसार त्रयोदशी तिथि छह नवम्बर शुक्रवार को सुबह 11.07 से प्रारम्भ होकर सात नवंबर को सुबह 11.44 तक रहेगी। धनतेरस के शुभ अवसर पर इस बार कई शुभ संयोग बन रहे हैं।
धनतेरस पर शुक्र चन्द्रमा कन्या राशि में संचार करेंगे। इस दिन व्यापारियों को धन लाभ करवाने वाला हस्त नक्षत्र भी रहेगा। इस योग के प्रभाव से इस बार धनतेरस पर धन में वृद्धि हो सकती है। हस्तनक्षत्र व्यापारियों के लिए शानदार बिक्री के योग बना रहा है। इस नक्षत्र में की जाने वाली खरीदारी भी बहुत शुभ मानी जाती है। इस दिन लोग बर्तन, चांदी, सोना, वाहन, प्रापर्टी, इलेक्ट्रानिक सामान, वस्त्र आदि की खरीददारी करते हैं।
धनतेरस पर खरीदारी का शुभ मुहूर्त दोपहर 12 से
धनतेरस पर शुक्रवार को राहुकाल सुबह 10.30 से दिन में दोपहर 12 तक रहेगा। इस दौरान राहुकाल में खरीदारी से लोगों को बचना चाहिए। खरीदारी करने के लिए इस वर्ष धनतरेस (छह नवम्बर) का शुभ मुहूर्त दोपहर 12 से प्रारम्भ होकर अगले दिन सात नवंबर शनिवार को सुबह 11.44 तक रहेगा। वहीं पूजन का शुभ मुहूर्त प्रदोष काल में शाम 5.20 से 7.56 और वृषभ लग्न में शाम 5.50 से 7.47 तक रहेगा। बता दें कि शुभ मुहूर्त में खरीदारी करना काफी लाभकारी होता है।

