फर्जी नियुक्ति पत्र से 61 लाख की ठगी मामले में बड़ी कार्रवाई, पूर्व प्रधानाचार्य गिरफ्तार
फर्जी नियुक्ति पत्र से 61 लाख की ठगी मामले में पूर्व प्रधानाचार्य गिरफ्तार
पट्टी : नौकरी दिलाने के नाम पर फर्जी नियुक्ति पत्र और कूटरचित दस्तावेज तैयार कर अभ्यर्थियों से करीब 61 लाख रुपये की ठगी करने के चर्चित मामले में आसपुर देवसरा पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने लंबे समय से वांछित चल रहे आरोपित पूर्व प्रधानाचार्य को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। फरार निवासी सनातन ओझा की तहरीर पर थाना आसपुर देवसरा में धोखाधड़ी सहित अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज हुआ था।
आरोप है कि परसौदा नंदन माध्यमिक विद्यालय के तत्कालीन प्रधानाचार्य नारायण दास पांडेय ने विद्यालय में लिपिक एवं चपरासी के पद पर नियुक्ति का झांसा देकर अभ्यर्थियों को फर्जी नियुक्ति पत्र, फर्जी शासनादेश और अन्य कूटरचित अभिलेख उपलब्ध कराए। इसके एवज में कई अभ्यर्थियों से करीब 61 लाख रुपये वसूल लिए। पुलिस जांच में सामने आया कि यह फर्जीवाड़ा उनके प्रधानाचार्य रहते हुए ही लंबे समय से संचालित किया जा रहा था।
आसपुर देवसरा पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर पट्टी-डेरवा मार्ग स्थित भोपालपुर मोड़ से नारायणदास पांडेय गौंधवाला को रविवार को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार आरोपी के विरुद्ध पहले से भी धोखाधड़ी समेत अन्य मामलों में मुकदमे दर्ज हैं। सीओ पट्टी प्रदीप सिंह ने बताया कि पुलिस अन्य पहलुओं और संभावित पीड़ितों की भी जांच कर रही है।
