टीजीटी भर्ती में विज्ञान से जीव विज्ञान के पद कम होने से प्रतियोगी असंतुष्ट
प्रयागराज: एडेड माध्यमिक विद्यालयों में प्रशिक्षित स्नातक शिक्षकों (टीजीटी) की कमी दूर करने के लिए शिक्षा निदेशालय की ओर से शिक्षा सेवा चयन आयोग को भेजी गई 17,740 पदों की रिक्तियां (अधियाचन) में विज्ञान की तुलना में पद कम होने से जीवविज्ञान विषय के प्रतियोगियों में असंतोष है। टीजीटी-पीजीटी जीव विज्ञान संघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष जितेंद्र यादव ने कहा है कि इसके पहले की भर्ती में भी जीव विज्ञान विषय के लिए कम पद देकर अन्याय किया गया था। उन्होंने कहा है कि इस असमानता के विरुद्ध प्रतियोगियों के साथ मिलकर लड़ाई लड़ी जाएगी।
मोर्चा अध्यक्ष ने बताया कि शिक्षा सेवा चयन आयोग हो या उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग, हमेशा जीव विज्ञान के पद विज्ञान के पद से कम आ रहे हैं। वर्ष 2022 में विज्ञान के 540 पद थे, जबकि जीव विज्ञान के केवल 50 पद। इस बार वर्ष 2026 की भर्ती को लेकर पदों की जो जानकारी हुई है, उसके अनुसार विज्ञान में 2200 से ज्यादा और जीव विज्ञान में लगभग 600 से कुछ ज्यादा पद हैं। ऐसे में अब इस बात की लड़ाई लड़ी जाएगी कि जीव विज्ञान के नाम से कोई पद नहीं आए, बल्कि जिस तरीके से केंद्र सरकार द्वारा डीएसएसएसबी, केवीएस, एनवीएस तथा अन्य राज्यों में विज्ञान के नाम से पद आते हैं और उसमें केवल बीएससी बायो (जीवविज्ञान) के प्रतियोगी आवेदन कर सकते हैं। मैथ (गणित) से ग्रेजुएशन करने वाले नहीं। गणित विषय के अभ्यर्थी केवल गणित वर्ग की भर्ती में आवेदन करते हैं।
इधर, उत्तर प्रदेश में विज्ञान वर्ग (साइंस स्ट्रीम) ग्रेजुएशन में एक मैथ ग्रुप है और एक बायो ग्रुप। मैथ ग्रुप वाले मैथ विषय के लिए आवेदन तो करते ही हैं और उन्हें विज्ञान ग्रुप में भी आवेदन का मौका मिलता है। इससे उन्हें अधिक सीटों पर चुने जाने का अवसर मिलता है। इसके विपरीत जीव विज्ञान ग्रुप से ग्रेजुएशन करने वाले के लिए जीव विज्ञान में सीटें बहुत कम हो जाती हैं। उन्होंने मांग की है कि अन्य राज्यों की तरह गणित और विज्ञान वर्ग के नाम से भर्ती निकाली जाए।
• उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग जारी करेगा वर्ष 2026 की भर्ती का विज्ञापन।
• शिक्षा निदेशालय ने आयोग को ऑनलाइन भेजा है 17,740 पदों का अधियाचन।

