महत्वपूर्ण विधिक अपडेट ⚖️
🙏 साथियों, नमस्कार।
अब तक प्राप्त विश्वसनीय सूचनाओं के अनुसार, प्रकरण को पुनः पूर्ववर्ती पीठ (Earlier Bench) के समक्ष सूचीबद्ध कराने के लिए विभिन्न स्तरों पर रेस्पोंडेंट की तरफ से विधिक प्रयास जारी हैं ।
📌 प्रथम चरण :-
कल सोमवार को लगभग सभी पक्षकारों की ओर से यह प्रयास किया जाएगा कि रजिस्ट्री स्तर पर आवश्यक Rectification के माध्यम से प्रकरण पुनः उसी पीठ के समक्ष सूचीबद्ध हो जाए, जहाँ यह निर्णायक चरण तक पहुँचा था ।
📌 द्वितीय चरण :-
यदि रजिस्ट्री स्तर पर यह संभव नहीं हो पाता है, तो जिस पीठ के समक्ष वर्तमान में मामला सूचीबद्ध है, उसके समक्ष मंगलवार को ओपन कोर्ट में AORs के माध्यम से सभी पक्ष यह निवेदन रख सकते हैं कि प्रकरण पूर्ववर्ती पीठ के समक्ष लगभग अंतिम चरण तक पहुँच चुका था । अतः न्यायिक निरंतरता (Judicial Continuity) को दृष्टिगत रखते हुए इसे उसी पीठ के समक्ष सुनवाई हेतु भेजा जाए ।
📌 तृतीय चरण :--
यदि उपर्युक्त दोनों प्रयास सफल नहीं होते हैं, तो प्राप्त सूचनाओं के अनुसार रेस्पोंडेंट पक्ष इस विषय को माननीय भारत के मुख्य न्यायाधीश (Hon'ble Chief Justice of India) के समक्ष भी उल्लेख (Mentioning) के माध्यम से रखने का प्रयास कर सकता है, जिससे प्रकरण पुनः पूर्ववर्ती पीठ के समक्ष सूचीबद्ध किए जाने पर विचार हो सके क्योंकि भले मामले का टैग as फ्रेश हो पर दत्ता साहब मामले से जुड़े सीनियर जज बने रहे हैं विगत कई सुनवाइयों से ।
⚖️ फिलहाल उपलब्ध सूचनाएँ एवं संभावनाएँ यही हैं। जैसे-जैसे कोई आधिकारिक एवं प्रमाणिक जानकारी प्राप्त होगी, उसे तत्काल आप सभी के मध्य साझा किया जाएगा ।
> 🤝 साथियों, एक बात पुनः स्मरण कराना आवश्यक है कि संयुक्त लीगल टीम किसी भी स्तर पर अपनी विधिक तैयारी या पैरवी में कोई समझौता नहीं कर रही है। प्रत्येक संभावित परिस्थिति को ध्यान में रखकर कार्य किया जा रहा है।
🙏 जिन साथियों ने अभी तक अपना सहयोग प्रदान नहीं किया है, उनसे पुनः विनम्र आग्रह है कि अपने हिस्से का अंशदान यथाशीघ्र पूर्ण करें। अंतिम चरण की इस लड़ाई में आपकी आर्थिक सहभागिता ही टीम को प्रत्येक स्तर पर प्रभावी ढंग से कार्य करने की शक्ति प्रदान करती है ।
💪 यह केवल सहयोग नहीं, बल्कि अपने मुकदमे, अपनी नौकरी और अपने भविष्य के प्रति आपकी साझी जिम्मेदारी है।
राघवेन्द्र सोमवंशी
प्रदेश अध्यक्ष बीटीसी 2013
⚖️ संयुक्त लीगल टीम 69000
