फर्जी योग शिक्षक भर्ती का मामला, दो आरोपियों की जमानत अर्जी खारिज
1.35 लाख लेकर फर्जी जॉइनिंग लेटर देने का आरोप, अदालत ने नहीं दी राहत
आजमगढ़। प्राथमिक विद्यालय में फर्जी योग शिक्षक के रूप में नियुक्ति कराने के मामले में अदालत ने दो आरोपियों को जमानत देने से इनकार कर दिया। मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद प्रभारी सत्र न्यायाधीश दिनेश कुमार ने आरोपी रितेश वर्मा और राजेंद्र चौहान की जमानत अर्जी खारिज कर दी।
₹1.35 लाख लेकर फर्जी जॉइनिंग लेटर देने का आरोप
अभियोजन के अनुसार, मुबारकपुर थाना क्षेत्र की पुरानी बस्ती निवासी सुजाता जायसवाल ने मामले में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोप है कि मोहल्ले के रितेश वर्मा और संदीप ने अपने साथियों गणेश उपाध्याय, राजेंद्र चौहान समेत अन्य लोगों के साथ मिलकर एनजीओ के माध्यम से योग शिक्षक की नियुक्ति कराने का भरोसा दिया।
आरोप है कि इसके लिए प्रत्येक व्यक्ति से 1 लाख 35 हजार रुपये लिए गए और बाद में फर्जी जॉइनिंग लेटर देकर प्राथमिक विद्यालय में नियुक्ति कराने का प्रयास किया गया।
जांच के बाद दो आरोपी गिरफ्तार
मामले की जांच के दौरान पुलिस ने रितेश वर्मा, निवासी पुरानी बस्ती, थाना मुबारकपुर और राजेंद्र चौहान, निवासी चरौंवा नांदपूरा, थाना भीमपुरा, बलिया को गिरफ्तार किया।
दोनों आरोपियों की ओर से अदालत में जमानत के लिए अर्जी दाखिल की गई थी। अभियोजन पक्ष ने जमानत का विरोध करते हुए मामले की गंभीरता और उपलब्ध साक्ष्यों का हवाला दिया।
अदालत ने खारिज की जमानत
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद प्रभारी सत्र न्यायाधीश दिनेश कुमार ने रितेश वर्मा और राजेंद्र चौहान की जमानत अर्जी खारिज कर दी।
अभियोजन पक्ष की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता प्रियदर्शी पीयूष त्रिपाठी ने पैरवी की। मामला अब आगे की न्यायिक प्रक्रिया के अधीन है।
