शिक्षण संस्थानों के पास नशे पर सख्ती की जाएगी
लखनऊ, प्रदेश में शैक्षणिक संस्थानों के इर्द-गिर्द का 500 मीटर का दायरा सख्त ‘ड्रग फ्री जोन’ घोषित किया जाएगा। इसे और अधिक सख्ती से लागू किया जाएगा। मुख्य सचिव एस.पी. गोयल की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई नारकोटिक्स कंट्रोल एवं समन्वय तंत्र (एनकॉर्ड) की राज्य स्तरीय समिति की तृतीय बैठक में यह निर्णय किया गया।
बैठक में प्रदेश में मादक पदार्थों की तस्करी एवं अवैध व्यापार पर प्रभावी नियंत्रण, नशा मुक्ति एवं जागरूकता अभियान, मादक पदार्थों के निस्तारण तथा विभिन्न विभागों के मध्य समन्वय की विस्तृत समीक्षा की गई। मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि जिलाधिकारियों की अध्यक्षता में गठित जिला स्तरीय समितियों की बैठकें नियमित रूप से आयोजित की जाएं तथा चिन्हित हॉट स्पॉट की निरंतर निगरानी की जाए।
उन्होंने कहा कि हॉट स्पॉट की संवेदनशीलता कम करने के लिए स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप हरसंभव प्रभावी कदम उठाए जाएं। साथ ही, प्रदेश भर के स्कूलों एवं कॉलेजों में नशा मुक्ति एवं जागरूकता के लिए विशेष अभियान संचालित किया जाए।
उन्होंने कहा कि अवैध मादक पदार्थों के परिवहन, तस्करी एवं व्यापार के विरुद्ध सघन कार्रवाई करते हुए अधिकतम बरामदगी और गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए। सभी कमिश्नरेट एवं जनपद अपने-अपने क्षेत्रों में मादक पदार्थों के अवैध कारोबार के स्रोत, नेटवर्क एवं वितरण तंत्र पर प्रभावी कार्रवाई करें। इसमें एनडीपीएस एक्ट के तहत निरोधात्मक कार्रवाई को प्रभावी बनाने तथा अवैध मादक पदार्थों से अर्जित संपत्तियों की पहचान एवं जब्ती की कार्रवाई में तेजी लाने के भी निर्देश दिए।
नियमित रूप से चलेगा नशा मुक्ति जागरूकता अभियान
मुख्य सचिव ने नशा मुक्ति जागरूकता अभियान को निरंतर संचालित करने के निर्देश दिए, ताकि युवाओं एवं आमजन को मादक पदार्थों के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया जा सके। मादक पदार्थों के निस्तारण की कार्रवाई निर्धारित एसओपी का अनुपालन करते हुए नियमानुसार सुनिश्चित की जाए। उन्होंने प्री-कर्सर रसायनों, एसीटिक एनहाइड्राइड, कंट्रोल्ड सब्सटेंस एवं नशीली दवाओं के दुरुपयोग और अवैध डायवर्जन की रोकथाम के लिए सख्त निगरानी एवं प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि मादक पदार्थों से पीड़ित युवाओं की काउंसलिंग कराकर उनके पुनर्वास पर भी विशेष ध्यान दिया जाए।
हाई वैल्यू टारगेट चिन्हित कर हो रही कार्रवाई
आईजी एएनटीएफ अब्दुल हमीद ने बताया कि पिछले 10 वर्षों के मादक पदार्थ जब्ती संबंधी विश्लेषण के आधार पर 10 प्रमुख हॉट स्पॉट कमिश्नरेट, जनपदों-लखनऊ, कानपुर, गौतमबुद्धनगर, गाजियाबाद, आगरा, बरेली, शामली, बाराबंकी, सहारनपुर एवं सोनभद्र-को चिन्हित किया गया है। प्रत्येक क्षेत्र में 20 हाई वैल्यू टारगेट चिन्हित कर उनके विरुद्ध कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में इस वर्ष अब तक एनडीपीएस एक्ट के तहत 3,737 अभियोग पंजीकृत, 5,390 अभियुक्त गिरफ्तार और 32,768 किलोग्राम अवैध मादक पदार्थ बरामद किए गए हैं। इसी अवधि में एएनटीएफ द्वारा 153 अभियोग पंजीकृत, 340 अभियुक्त गिरफ्तार तथा 8,135.52 किलोग्राम अवैध मादक पदार्थ बरामद किए गए

