मानव संपदा पोर्टल पर जुड़ा नया ‘Medical Reimbursement’ ऑप्शन, कर्मचारी अब पोर्टल से कर सकेंगे मेडिकल क्लेम
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों के लिए Manav Sampada Portal पर एक नया Medical Reimbursement विकल्प दिखाई दे रहा है। इस नए ऑप्शन के माध्यम से चिकित्सा खर्च से संबंधित रीइंबर्समेंट क्लेम की प्रक्रिया को ऑनलाइन करने की व्यवस्था की जा रही है।
क्या होता है Medical Reimbursement?
Medical Reimbursement का मतलब है इलाज में हुए खर्च की वापसी या भरपाई। इसमें कर्मचारी पहले अपने स्तर से उपचार का खर्च वहन करता है और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार इलाज से संबंधित बिल, पर्चे एवं अन्य आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करता है। पात्रता एवं नियमों के अनुसार स्वीकृति मिलने के बाद अनुमन्य राशि का भुगतान किया जाता है।
कैसे काम करता है Medical Reimbursement?
1. पहले इलाज और भुगतान
कर्मचारी अस्पताल/चिकित्सक से उपचार कराता है और निर्धारित खर्च का भुगतान स्वयं करता है।
2. बिल एवं दस्तावेज जमा करना
इलाज से संबंधित मूल बिल, दवाओं के बिल, जांच रिपोर्ट, पर्चे तथा अन्य आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत किए जाते हैं।
3. विभागीय जांच एवं स्वीकृति
प्रस्तुत दस्तावेजों और लागू नियमों के अनुसार क्लेम की जांच की जाती है।
4. राशि का भुगतान
क्लेम स्वीकृत होने के बाद नियमों के तहत अनुमन्य राशि कर्मचारी को वापस की जाती है।
मानव संपदा पर नया ऑप्शन क्यों महत्वपूर्ण?
मानव संपदा पोर्टल पर Medical Reimbursement का विकल्प दिखाई देने से कर्मचारियों के मेडिकल क्लेम की प्रक्रिया को ऑनलाइन माध्यम से संचालित करने की संभावना है। इससे आवेदन, दस्तावेज प्रस्तुत करने और क्लेम की स्थिति से संबंधित प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित हो सकती है।
हालांकि, सिर्फ पोर्टल पर विकल्प दिखाई देने का अर्थ यह नहीं है कि प्रत्येक चिकित्सा खर्च स्वतः प्रतिपूर्ति योग्य होगा। वास्तविक भुगतान संबंधित विभाग के लागू शासनादेश, पात्रता, चिकित्सा नियमों और सक्षम अधिकारी की स्वीकृति के आधार पर होगा।
कर्मचारियों के लिए जरूरी बात
मेडिकल रीइंबर्समेंट के लिए कर्मचारी अपने मूल बिल, उपचार संबंधी दस्तावेज, पर्चे और अन्य आवश्यक रिकॉर्ड सुरक्षित रखें। पोर्टल पर आवेदन करते समय विभाग द्वारा निर्धारित दस्तावेज एवं प्रक्रिया का पालन करना जरूरी होगा।
अपडेट: मानव संपदा पोर्टल पर Medical Reimbursement ऑप्शन के सक्रिय होने के बाद अब कर्मचारियों की नजर इस बात पर है कि विभाग की ओर से इसकी पूरी प्रक्रिया, पात्रता और आवश्यक दस्तावेजों के संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश कब जारी किए जाते हैं।।

