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Tuesday, October 6, 2026

सुप्रीम कोर्ट ने फार्म-6 में बदलाव की मंजूरी नहीं दी: निर्वाचन आयोग के दावे के बाद मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने कहा- हम देखना चाहेंगे कि परिवर्तन को किसने अनुमति दी

सुप्रीम कोर्ट ने फार्म-6 में बदलाव की मंजूरी नहीं दी: निर्वाचन आयोग के दावे के बाद मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने कहा- हम देखना चाहेंगे कि परिवर्तन को किसने अनुमति दी

सीजेआई का यह टिप्पणी, इसलिए काफी महत्वपूर्ण है, क्योंकि भारत के निर्वाचन आयोग (ईसीआई) ने 26 सितंबर को दावा किया था कि एआईआर प्रक्रिया के लिए मदताओं का नाम जोड़ने के लिए फॉर्म-6 के साथ जोड़े गए नए घोषणा-पत्र को सुप्रीम कोर्ट ने मंजूरी दी है।



सीजेओई सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ ने मामले की सुनवाई के दौरान कहा कि यह अदालत रिकॉर्ड की जांच करके यह पता लगाएगी कि फार्म-6 में बदलाव किसने किए हैं। सीजेआई ने कहा सुप्रीम कोर्ट ने फॉर्म-6 के किसी भी बदले हुए स्वरूप को मंजूरी नहीं दी है। यह बात साफ होनी चाहिए। जब XXरिकॉर्ड पेश किया जाएगा, तो हम देखना चाहेंगे कि इसमें बदलाव किसने किया है। सुप्रीम कोर्ट ने अधिवक्ता शैलेंद्र मणि त्रिपाठी की ओर से दाखिल याचिका पर विचार करते हुए यह टिप्पणी की है। त्रिपाठी ने शीर्ष अदालत में दाखिल याचिका में एसआईआर को लेकर निर्वाचन आयुक्त डॉ. एस.एस. संधू और डॉ. विवेक जोशी की आपत्ति को दरकिनार कर निर्वाचन आयोग की ओर से अकेले फैसला लेने के लिए मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार और इसमें शामिल अन्य अधिकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की थी। दरअसल, फार्म-6 में बदलाव के जरिए जोड़े गए नए घोषणा-पत्र को लेकर राजनीतिक दलों का विरोध तब और बढ़ गया जब यह बात सामने आई कि निर्वाचन आयोग के अन्य निर्वाचन आयुक्तों की आपत्ति के बाद मुख्य निर्वाचन आयुक्त कुमार ने अकेले यह निर्णय लिया।




‘पद छोड़ने के बाद कार्रवाई से छूट तो जजों को भी नहीं’: सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हम कानून के उस प्रावधान की भी समीक्षा कर सकते हैं, जिसमें मुख्य निर्वाचन आयुक्त को पद पर रहते हुए और पद छोड़ने के बाद किसी भी तरह की कार्रवाई से छूट देने का प्रावधान किया गया है। सुनवाई के दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता विकास सिंह ने ‘मुख्य निर्वाचन आयुक्त एवं अन्य निर्वाचन आयुक्त (सेवा, शर्तें ) अधिनियम की धारा 16 पर का जिक्र किया। यह धारा मुख्य निर्वाचन आयुक्त को पद छोड़ने के बाद भी किसी भी तरह की कार्रवाई से सुरक्षा देती है। इस पर सीजेआई ने कहा ‘पद पर रहते हुए सुरक्षा तो हमेशा समझी जाती है।’ उन्होंने कहा कि किसी भी दूसरे संवैधानिक अधिकारी के लिए इस तरह की सुरक्षा के बारे में कभी नहीं सुना गया। प्रधानमंत्री के पास भी यह सुरक्षा नहीं है। जस्टिस बागची ने कहा कि जजों के पास भी नहीं।




सीईसी पर लगे हैं ये आरोप : याचिकाओं में आरोप लगाया गया है कि एसआईआर के मुद्दे पर सीईसी कुमार ने निर्वाचन आयोग के दो अन्य निर्वाचन आयुक्तों की आपत्ति को नजरअंदाज कर अकेले फैसले किए हैं, जो कि कानून की नजर में उचित नही है। 




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अगला फैसला रोकने की मांग


याचिकाकर्ताओं में से एक राकेश कुमार सिंह की ओर से वरिष्ठ वकील विकास सिंह ने अंतरिम तौर पर सीईसी कुमार को आगे कोई भी फैसला लेने से रोकने और उन्हें निलंबित करने की मांग की। वरिष्ठ अधिवक्ता सिंह ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त कुमार को निलंबित करने की मांग पर जोर देते हुए कहा कि हर नागरिक मतदान के अधिकार को लेकर असुरक्षित महसूस कर रहा है। पीठ ने अधिवक्ता शैलेंद्र मणि त्रिपाठी द्वारा दायर एक संबंधित याचिका पर भी नोटिस जारी किया।




प्रदर्शन की अनुमति संबंधी याचिका पर सुनवाई होगी


मतदाता सूची के एसआईआर प्रक्रिया के दौरान कथित सीईसी संबंधी सुनवाई शीर्ष अदालत ने सवाल किया यदि सीईसी को निलंबित कर दिया जाएगा तो चुनाव कौन कराएगा? याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता विकास सिंह ने पीठ से कहा कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त को निलंबित किए जाने की स्थिति में आयोग के दो अन्य निर्वाचन आयुक्त कामकाज संभाल सकते हैं। इस पर पीठ ने कहा कोई भी आदेश पारित करने से पहले उसे संबंधित लोगों का जवाब लेना होगा।




सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को उस याचिका पर सुनवाई करने पर सहमति जताई, जिसमें दिल्ली पुलिस को जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने की अनुमति देने का आदेश देने की मांग की है। दिल्ली पुलिस ने एसआईआर में कथित गड़बड़ियों के मुद्दे पर मुख्य निर्वाचन आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन करने की अनुमति देने से इनकार कर दिया है।



सुप्रीम कोर्ट ने फार्म-6 में बदलाव की मंजूरी नहीं दी: निर्वाचन आयोग के दावे के बाद मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने कहा- हम देखना चाहेंगे कि परिवर्तन को किसने अनुमति दी Rating: 4.5 Diposkan Oleh: UP UPDATEMART

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