किरायेदारी के अनुबंध पर स्टांप शुल्क की नई दरें तय
लखनऊ, । राज्य सरकार ने किरायेदारी से जुड़े पट्टा रजिस्ट्री पर लगने वाले स्टांप शुल्क में कमी कर दी है। स्टांप एवं रजिस्ट्रेशन विभाग ने सोमवार को इसकी अधिसूचना जारी की। इसके मुताबिक दो लाख रुपये तक औसत वार्षिक किराये वाले पट्टा विलेख पर एक वर्ष तक के लिए अधिकतम 1,000 रुपये स्टांप शुल्क लगेगा। एक वर्ष से अधिक और पांच वर्ष तक के पट्टे पर अधिकतम 2,000 रुपये और 5 वर्ष से अधिक और 10 वर्ष तक के पट्टे पर 4,000 रुपये शुल्क लगेगा।
दूसरी ओर 2 लाख रुपये से अधिक और 6 लाख रुपये तक वार्षिक किराये वाले पट्टों के लिए अधिकतम सीमा क्रमशः 3,000, 6,000 और 8,000 रुपये होगी। छह लाख रुपये से अधिक और 10 लाख रुपये तक सालाना किराये वाले पट्टों पर अवधि के अनुसार अधिकतम 4,500, 10,000 और 13,000 रुपये स्टांप शुल्क निर्धारित किया गया है। वहीं 10 लाख रुपये से अधिक औसत वार्षिक किराये पर पहले 10 लाख रुपये पर संबंधित श्रेणी की दर लागू होगी, जबकि शेष राशि पर भारतीय स्टांप अधिनियम की अनुसूची के अनुच्छेद-35 के तहत निर्धारित दर से शुल्क जुड़ेगा। ।

