परिषदीय विद्यालयों में स्थानीय अवकाश न्यूनतम रखने के निर्देश, पढ़ाई और परीक्षा की तैयारी पर जोर
UP School News: स्कूलों में स्थानीय अवकाश न्यूनतम रखने के निर्देश, पढ़ाई प्रभावित न होने पर जोर
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में परिषदीय विद्यालयों की वार्षिक परीक्षाएं जल्द होने और जनगणना व चुनाव के कारण पढ़ाई प्रभावित होने की आशंका के बीच स्कूलों में स्थानीय अवकाश न्यूनतम रखने के निर्देश दिए गए हैं। यूपी बोर्ड की परीक्षाएं भी पांच फरवरी से शुरू होने की जानकारी दी गई है।
निर्देशों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि पाठ्यक्रम समय से पूरा हो सके और विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो।
शिक्षकों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश
माध्यमिक शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा ने सभी जिला विद्यालय निरीक्षकों (DIOS) और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि शिक्षकों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित की जाए। साथ ही विद्यालयों में वास्तविक शिक्षण-अधिगम गतिविधियों पर विशेष जोर दिया जाए।
शैक्षिक गतिविधियों की समीक्षा के निर्देश
अधिकारियों को शिक्षा अभियान, शिक्षक समायोजन, निपुण प्लस, यू-डायस डेटा, बाल वाटिका, आरटीई बजट, प्रोजेक्ट अलंकार और पीएम पोषण जैसी योजनाओं की प्रगति पर ध्यान देने को कहा गया है।
इसके अतिरिक्त प्रयोगशालाओं की क्रियाशीलता, केजीबीवी में नामांकन और मिशन शक्ति समेत 30 बिंदुओं को समीक्षा बैठकों में शामिल कर उनकी निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं।
पढ़ाई और परीक्षा की तैयारी पर रहेगा फोकस
स्थानीय अवकाश कम रखने के निर्देश का मुख्य उद्देश्य विद्यालयों में नियमित पढ़ाई बनाए रखना और आगामी परीक्षाओं की तैयारी को समय पर पूरा कराना है। संबंधित अधिकारियों से निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित करने की अपेक्षा की गई है।

