पुरानी नियमावली से टीजीटी-पीजीटी भर्ती की मांग, शिक्षा निदेशालय के बाहर नारेबाजी
प्रदेश के 4512 सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में पुरानी नियमावली और पुराने पैटर्न के आधार पर एक अवसर देने की मांग को लेकर सैकड़ों छात्रों ने सोमवार को फिर से आंदोलन शुरू कर दिया। पूर्व निर्धारित योजना के तहत आशुतोष पांडेय के नेतृत्व में सैकड़ों बेरोजगार सुबह 11 बजे शिक्षा निदेशालय पहुंच गए। वाल्मीकि जयंती का सार्वजनिक अवकाश होने के कारण शिक्षा निदेशालय बंद होने के कारण अभ्यर्थी मुख्य द्वार पर ही धरने पर बैठ गए।
अवकाश के बावजूद शिक्षा निदेशालय के कुछ कर्मचारियों को आवश्यक कार्य आना पड़ा तो यूपी बोर्ड की तरफ गेट से प्रवेश और निकासी हुई। धीरे-धीरे अभ्यर्थियों की भीड़ बढ़ती गई और तकरीबन एक बजे पुलिस मुख्यालय और शिक्षा निदेशालय के आर-पार बीच सड़क पर प्लास्टिक की चादर बिछाकर प्रदर्शनकारी नारेबाजी करने लगे। मुख्यमंत्री वादा पूरा करें, टीजीटी-पीजीटी का विज्ञापन रद्द करो, छात्र एकता जिंदाबाद जैसे नारे लगा रहे छात्रों ने साफ किया है कि जब तक उनकी मांग मानी नहीं जाती वे धरने से नहीं हटेंगे। छात्रों का कहना है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आश्वासन पर ही पांच सितंबर से चला आ रहा आमरण अनशन उन्होंने 23 सितंबर को तोड़ा था। मुख्यमंत्री ने पुरानी नियमावली के आधार पर एक अवसर मांग रहे छात्रों के संबंध में एनसीटीई को पत्र लिखने का भरोसा दिलाया था। पत्र लिखने की बजाय माध्यमिक शिक्षा विभाग में नियमावली संशोधित करते हुए टीजीटी-पीजीटी का विज्ञापन जारी कर दिया। इसके चलते पुरानी नियमावली के आधार पर तैयारी कर रहे लाखों छात्रों का नुकसान हो रहा है। आंदोलनकारियों ने दो टूक कहा है कि उनके हितों की अनदेखी बंद हो, मुख्यमंत्री अपना वादा पूरा करें और अभ्यर्थियों को पुरानी नियमावली के अनुसार एक अवसर दिया जाए।
पुरानी नियमावली से अवसर को सपा मुखिया से मिले
प्रयागराज। टीजीटी-पीजीटी भर्ती की नई नियमावली से प्रभावित अभ्यर्थियों को न्याय दिलाने एवं पुरानी नियमावली के आधार पर अभ्यर्थियों को एक अवसर देने की मांग को लेकर कौशल कुमार के नेतृत्व में छात्रों के प्रतिनिधिमंडल ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से लखनऊ में मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने एकल विषय प्रमाणपत्र कार्यक्रम, शैक्षणिक अर्हता, आरक्षण, टीईटी की अनिवार्यता, बीएड/नॉन-बीएड, प्राविधिक कला एवं बीएफए/एमएफए अभ्यर्थियों की पात्रता सहित नई नियमावली की विभिन्न विसंगतियों से उन्हें अवगत कराया। अखिलेश यादव ने छात्रों को आश्वस्त किया कि ‘यदि हमारी सरकार बनती है, तो हम छात्रों का अहित नहीं होने देंगे। हम हमेशा छात्रों के साथ हैं।’ प्रतिनिधिमंडल में आनंद, सुनील यादव, शालू, किरण, रामसेवक, प्रदीप गुप्ता, चंद्रजीत, अमित चौधरी, मंजू मौर्या, सचिन यादव, सुनील प्रजापति, सुनील विश्वकर्मा, अंगद यादव, आलोक वर्मा आदि शामिल रहे।
आज से बढ़ेगी मुश्किल
बेरोजगारों के बीच सड़क धरने पर बैठने के कारण मंगलवार से मुश्किल बढ़ सकती है। सोमवार को अवकाश होने के कारण शिक्षा निदेशालय, पुलिस मुख्यालय, यूपी बोर्ड, गवर्नमेंट प्रेस वगैरह प्रदेश सरकार के कार्यालय और मुख्यालय बंद थे। भीड़ नहीं होने के कारण पुलिस ने बैरिकेड लगा दिया था लेकिन मंगलवार से कार्यालय खुलने पर मुश्किल होगी। खबर लिखे जाने तक धरना जारी था।
