ईवी कितनी चलेगी, बैटरी तय करेगी:- किस कार पर कितनी वारंटी, खरीदने से पहले जाने
इलेक्ट्रिक वाहन खरीदते समय सिर्फ रेंज, फीचर और कीमत पर ध्यान देना काफी नहीं है। इसकी बैटरी वाहन का सबसे अहम और महंगा हिस्सा होती है। इसलिए उसकी वारंटी, इस्तेमाल की शर्तों और कंपनियों के बैटरी से जुड़े ऑफर को समझना जरूरी है
अगस्त 2026 में पैसेंजर व्हीकल रिटेल में इलेक्ट्रिक वाहनों की हिस्सेदारी 7.6 प्रतिशत रही और 30,696 इलेक्ट्रिक कारें बिकीं। ईवी की बढ़ती मौजूदगी के साथ अब सवाल सिर्फ खरीद और रेंज का नहीं, बल्कि बैटरी की उम्र, वारंटी और रखरखाव का भी है, क्योंकि वाहन की सबसे अहम व महंगी इकाई बैटरी है।
किस पर कितनी वारंटी
टाटा: 8 साल या 1.60 लाख किमी की बैटरी वारंटी। फर्स्ट ओनर के लिए यह लाइफटाइम या 15 साल तक, जबकि सेकंड ओनर के लिए 8 साल या 1.60 लाख किमी है।
महिंद्रा: महिंद्रा बीई 6 और एक्सईवी 9ई पर फर्स्ट ओनर को 10 साल या 2 लाख किमी, जबकि सेकंड ओनर को 8 साल की बैटरी वारंटी मिलती है।
एमजी: कॉमेट पर 8 साल या 1.20 लाख किमी की बैटरी वारंटी। इसमें जो सीमा पहले पूरी होगी, वही लागू होगी।
Maruti Suzuki e Vitara (ई विटारा) के बैटरी पैक पर 8 साल या 1,60,000 किलोमीटर (जो भी पहले पूरा हो) की स्टैंडर्ड वारंटी मिलती है।
वारंटी और लाइफ में अंतर: ईवी बैटरी की वारंटी को उसकी पूरी लाइफ न समझें। वारंटी निर्माता का तय कवरेज है, जबकि बैटरी की वास्तविक परफॉर्मेंस उसकी केमिस्ट्री, थर्मल मैनेजमेंट, चार्जिंग पैटर्न और इस्तेमाल पर निर्भर करती है। समय के साथ बैटरी की क्षमता भी घटती है। लागत समझें : ईवी की कुल लागत समझने के लिए खरीद कीमत और फाइनेंस के साथ चार्जिंग, इंश्योरेंस, मेंटेनेंस, इस्तेमाल की अवधि व रीसेल वैल्यू को भी देखें। इसका हिसाब हर ग्राहक के लिए अलग हो सकता है।
ऑफर भी समझें: कंपनियां बैटरी पर लंबी या लाइफटाइम वारंटी व बैटरी-एज-ए-सर्विस जैसे विकल्प देती हैं। कुछ वारंटी में बैटरी की क्षमता 70% से कम होने पर शर्तों के अनुसार उसे ठीक या बदलने की सुविधा मिलती है। बास में शुरुआती कीमत कम हो सकती है, लेकिन प्रति किलोमीटर शुल्क देना होता है। इसलिए ऑफर की शर्तों व लंबे समय की लागत देखें।
वारंटी का मामला : ईवी की बैटरी वाहन की कीमत का 40-60% तक हो सकती है। वारंटी खत्म होने के बाद इसे बदलने पर बड़ा खर्च आ सकता है। इसलिए वारंटी की अवधि, कवरेज और शर्तों के साथ इंश्योरेंस में बैटरी का कवरेज देखें। गलत चार्जर, समय पर सर्विस न कराना, बारिश में चार्ज करना और अनधिकृत मॉडिफिकेशन वारंटी को प्रभावित कर सकते हैं।

