पत्नी के गुजारे से नहीं बच सकता कमाऊ पति: कोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा है कि कमाने में सक्षम पति नौकरी नहीं होने या कारोबार खराब चलने का बहाना बनाकर पत्नी को गुजारा-भत्ता देने की जिम्मेदारी से नहीं बच सकता। ऐसे बहानों को कानून में कोई मान्यता नहीं है।
कोर्ट ने कहा कि पत्नी को सम्मानजनक जीवन जीने के लिए पर्याप्त आर्थिक सहायता मिलनी चाहिए। न्यायमूर्ति जय कृष्ण उपाध्याय ने यह टिप्पणी पति की आपराधिक पुनरीक्षण याचिका खारिज करते हुए की। पति ने उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें उसे दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 125 के तहत पत्नी को हर माह 3500 रुपये गुजारा-भत्ता देने का निर्देश दिया गया था। हाईकोर्ट ने कहा कि गुजारा-भत्ता का उद्देश्य ऐसी महिला को आर्थिक सुरक्षा देना है, जिसे वैवाहिक घर छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा हो।

