एंटी पेपर लीक विधेयक को संसद की मंजूरी मिली
नई दिल्ली, लोकसभा के बाद गुरुवार को राज्यसभा ने भी एंटी-पेपर लीक संशोधन विधेयक को मंजूरी दे दी। अब इस विधेयक को राष्ट्रपति की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। राष्ट्रपति के अनुमोदन के बाद यह कानून बन जाएगा। इसमें प्रश्न पत्र लीक करने के अपराध में दस साल तक की सजा और 50 लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है।
विधेयक पर करीब सात घंटे तक चर्चा चली। इस दौरान वामदलों और डीएमके के प्रस्तावित संशोधनों को ख़ारिज कर दिया गया। चर्चा का जवाब देते हुए कार्मिक मामलों के मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि यह विधेयक सरकार की उस मंशा को दर्शाता है, जिसमे पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकने की प्रतिबद्धता है। एनटीए के खिलाफ बोलने वाले विपक्षी दलों से मुखातिब होते हुए उन्होंने कहा कि हमें यह ध्यान में रखना होगा कि देश में ज्यादातर पेपर लीक के मामले राज्य की एजेंसियों द्वारा कराई गई परीक्षाओं से जुड़े हैं और ज्यादातर में एनटीए की भूमिका नहीं है। उन्होंने सरकार के कदमों की जानकारी देते हुए कहा कि मोदी सरकार छात्रों के प्रति संवेदनशील है। सरकार का दावा है कि यह कानून केवल दोषियों को कड़ी सजा देने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि भविष्य में पेपर लीक जैसी घटनाओं पर रोक लगाने और छात्रों का परीक्षा व्यवस्था पर भरोसा मजबूत करने में भी अहम भूमिका निभाएगा।
सदन में मनुस्मृति पर ‘महाभारत’
सरकार इस कानून में कितने भी कड़े प्रावधान कर ले, लेकिन जब तक परीक्षाएं कराने का ढांचा और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी जैसी संस्थाओं की कार्यप्रणाली नहीं बदलेगी, तब तक पेपर लीक बंद नहीं होंगे।
-मल्लिकार्जुन खरगे,
राज्यसभा में विपक्ष के नेता
विपक्ष मुद्दाविहीन हो गया है। उसने ‘काम और करतूत से’ इसे साबित कर दिया है। आज सात घंटे चर्चा चली, सबको बोलने का पूरा समय दिया गया। उन्होंने बहिर्गमन किया। उनकी चर्चा में रुचि नहीं है।
-जेपी नड्डा, नेता सदन
बिल पर चर्चा के दौरान मल्लिकार्जुन खरगे ने भाषण के दौरान मनुस्मृति के अंशों का अनुवाद पढ़ना शुरू किया और विश्वविद्यालयों में एक खास विचारधारा के लोगों को बैठाने का आरोप लगाया। सत्ता पक्ष के सदस्यों ने इस पर कड़ा ऐतराज जताया। जेपी नड्डा ने कहा कि खरगे द्वारा पढ़े गए अंश से समाज में विद्वेष फैलता है, इसलिए इसे रिकॉर्ड से हटाया जाए। भाजपा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि मनु स्मृति के संदर्भ को गलत तरीके से पेश किया गया।
विशेषाधिकार हनन का नोटिस
सरकार विश्वसनीय परीक्षा प्रणाली सुनिश्चित करने के लिए लगातार कदम उठा रही है। छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। -नरेंद्र मोदी, प्रधानमंत्री
भाजपा ने गुरुवार को राहुल गांधी के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस दिया। उन्होंने राहुल गांधी पर सदन के कामकाज के नियम 252 एवं 253 के उल्लंघन का आरोप लगाया है।

