बिहार विद्यालय परीक्षा समिति की ओर से राज्य के सभी सरकारी स्कूलों की जांच पांच डोमेन के आधार पर की जायेगी. इसके लिए शुक्रवार को बिहार बोर्ड और पीआइ जैम फाउंडेशन (एनजीओ) के साथ एमओयू किया गया. देश स्तर पर लागू किये गये स्कूल क्वालिटी एंड एसोरेंस फ्रेमवर्क (एसक्यूएएएफ) को बिहार सरकार ने परख कार्यक्रम के तहत राज्य में लागू किया है. पीआइ जैम फाउंडेशन के सहयोग से पांच डोमेन आधार पर स्कूलों का आकलन किया जायेगा. बिहार (एसक्यूएएएफ) पांच डोमेन के लिए स्पष्ट मानक स्थापित करते हुए राज्य के स्कूलों राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप विकसित होने रोडमैप प्रदान करेगा. इसके तहत राज्य के सभी सरकारी स्कूलों का आकलन पांच डोमेन पर किया जायेगा.
स्कूलों का आकलन एडमिनिस्ट्रेशन, करिकुलम, एसेस्मेंट, इंफ्रास्ट्रक्चर और समावेशिता के आधार पर किया जायेगा. बिहार बोर्ड के अध्यक्ष डॉ त्यागराजन एसएम की उपस्थिति में बोर्ड के सचिव प्रमोद कुमार और पीआइ जैम फाउंडेशन की को-फाउंडर प्रांजलि पाठक ने एमओयू साइन किया. नयी शिक्षा नीति के तहत यह कार्यक्रम संचालित किया जाना है. राज्य विद्यालय मानक प्राधिकरण (स्टेट स्कूल स्टैंडर्ड अथॉरिटी) की स्थापना का प्रावधान इस कार्यक्रम में है. इसके अंतर्गत राज्य सरकार द्वारा बिहार बोर्ड को नोडल अर्थात राज्य राज्य विद्यालय मानक प्राधिकरण नामित किया गया है।
पारदर्शी विद्यालय प्रणाली और कौशल आधारित शिक्षा का होगा आकलन
इस कार्यक्रम के तहत राज्य के सभी सरकारी स्कूलों का पांच डोमेन के आधार पर किया जायेगा. जिसमें प्रशासन डोमेन रणनीतिक योजना, वित्तीय प्रबंध और हितधारकों की भागीदारी का मूल्यांकन करेगा ताकि एक जवाबदेह और पारदर्शी विद्यालय प्रणाली विकसित की जा सके. करिकुलम डोमेन नयी शिक्षा नीति 2020 की अनुकूलता, संदर्भगत शिक्षण, बहुभाषिक शिक्षा और कौशल पर केंद्रित है. एसेस्मेंट डोमेन दक्षता आधारित समग्र आकलन पर जोर देता है. इससे विद्यार्थियों को अधिगम परिणामों की व्यापक समझ प्रदान करने में सहायता प्रदान करेगी और रट के पढ़ने की आदत को खत्म किया जा सकेगा. इंफ्रास्ट्रक्चर डोमेन सुरक्षित, सुलभ और संसाधन-समृद्ध वातावरण पर जोर देता है. इससे विद्यालयों में कक्षा, पुस्तकालय, आइसीटी, स्वच्छता और हरित वातावरण कायम करने में सहायता मिलेगी.
इसके अलावा समावेशिता डोमेन के अंतर्गत यह मूल्यांकन किया जाता है कि विद्यालय विभिन्न प्रकार के विद्यार्थियों का किस प्रकार से समर्थन और सहयोग करते हैं.
