स्कूलों में जागरूकता अभियान चला
लखनऊ। मिशन शक्ति अभियान के छठे चरण के तहत रविवार को उत्तर प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों और कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों (केजीबीवी) में व्यापक जागरूकता अभियान चलाया गया। अभियान के प्रथम दिवस आयोजित कार्यक्रमों में 55,574 बालिकाओं और 12,377 बालकों समेत कुल 67,951 विद्यार्थियों ने भाग लिया।
छात्र-छात्राओं को महिला सुरक्षा, बाल संरक्षण, आपातकालीन सहायता और हेल्पलाइन नंबरों के प्रभावी उपयोग की जानकारी दी गई। विभिन्न विद्यालयों में पोस्टर-चार्ट निर्माण, जागरूकता रैली, संवाद और नाट्य प्रस्तुतियों के माध्यम से महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और सामाजिक बुराइयों के उन्मूलन का संदेश दिया गया।
अभियान के तहत विद्यार्थियों को महिला सुरक्षा और सहायता से जुड़े महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी दी गई। इनमें वुमेन पावर लाइन 1090, महिला हेल्पलाइन 181, पुलिस आपातकालीन सेवा 112 और चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 प्रमुख हैं। छात्र-छात्राओं को बताया गया कि किसी भी प्रकार की परेशानी, उत्पीड़न अथवा आपात स्थिति में संबंधित सहायता सेवा का उपयोग कैसे किया जा सकता है। विद्यार्थियों ने हेल्पलाइन नंबरों पर आधारित पोस्टर और चार्ट बनाकर उनके महत्व को समझा। इसका उद्देश्य बच्चों को जागरूक करने के साथ जरूरत पड़ने पर समय रहते सहायता लेने के लिए सक्षम बनाना है।
इस अवसर पर स्कूल शिक्षा महानिदेशक मोनिका रानी ने कहा कि मिशन शक्ति अभियान के तहत प्रत्येक विद्यालय में निर्धारित गतिविधियों का प्रभावी संचालन और विद्यार्थियों की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित की जा रही है। पोस्टर, रैली, संवाद और अन्य रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से बालिकाओं में सुरक्षा, आत्मसम्मान और अधिकारों के प्रति जागरूकता विकसित करना आवश्यक है।
11 से 19 अक्तूबर तक चलेगा छठा चरण
मिशन शक्ति अभियान का छठा चरण 11 से 19 अक्तूबर तक संचालित किया जा रहा है। 12 अक्तूबर को परिषदीय विद्यालयों और केजीबीवी में बालिकाओं के अधिकारों पर आधारित गतिविधियां आयोजित होंगी। इनमें सुरक्षित और असुरक्षित स्पर्श की पहचान, बाल अधिकार, शिकायत निवारण व्यवस्था तथा हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी प्रमुख रहेगी। अभियान के प्रभावी संचालन के लिए जिला और ब्लॉक स्तर के अधिकारियों को गतिविधियों की निगरानी, सहभागिता सुनिश्चित करने और निर्धारित प्रारूप में रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए हैं।

