परिषदीय शिक्षकों को प्रोन्नत वेतनमान का इंतजार
लखनऊ। यूपी के परिषदीय स्कूलों के 20 हजार शिक्षकों को प्रोन्नत वेतनमान दिए जाने का इंतजार है। बेसिक शिक्षा निदेशालय की ओर से 22 साल की सेवा पूरी करने वाले सभी शिक्षकों को प्रोन्नत वेतनमान दिए जाने का प्रस्ताव शासन में अटका हुआ है। अभी 22 साल की सेवा पूरी करने वाले शिक्षकों में वरिष्ठता के आधार पर सिर्फ 20 प्रतिशत को ही यह लाभ मिलता है।
शिक्षकों को डर है कि कहीं लेटलतीफी में ज्यादा बढ़ी तो आगे दो-तीन महीने में ही विधानसभा चुनाव की आचार संहिता लागू हो जाएगी और फिर उनकी यह मांग पूरी नहीं हो पाएगी। आदेश जारी होने के बाद अब शिक्षक प्रोन्नत वेतनमान भी सभी शिक्षकों को मिले इसे लेकर लामबंद हैं।
अभी परिषदीय स्कूलों के कुल वरिष्ठ शिक्षकों की संख्या के 20 प्रतिशत लोगों को ही ये लाभ मिलता है। वहीं 80 प्रतिशत शिक्षक 22 साल सेवा के बाद भी इस लाभ से वंचित हो रहे हैं। बीते अगस्त में सभी शिक्षकों को इसका लाभ देने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया था लेकिन उसके बाद से प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ी। परिषदीय शिक्षकों के अनुसार लगभग हर जिलों से इसके लिए अर्ह शिक्षकों की संख्या 250 से 300 है। ऐसे में इसका लाभ पाने वाले अध्यापकों की कुल संख्या 18 से 20 हजार तक होगी। उप्र बीटीसी शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष अनिल यादव का कहना है कि सभी अर्ह शिक्षकों को प्रोन्नत वेतनमान का लाभ दिया जाना चाहिए। यह शिक्षकों के साथ अन्याय है।
