69000 शिक्षक भर्ती सर्वोच्च न्यायालय ◆ 24 सितम्बर 2026`: लाइव सुप्रीम कोर्ट के लिए इस लिंक को रिफ्रेश करते रहें
आज का सीनियर एडवोकेट पैनल:-`*
1 सिद्धार्थ भटनागर *(संवैधानिक बेंच एवं सर्विस मैटर विशेषज्ञ सीनियर अधिवक्ता सुप्रीमकोर्ट)*
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*`AOR-पैनल:-`*
`साहिल टेगोत्रा सर समेत समस्त AOR उपस्थित रहेंगे ।` एवं प्रशांत शुक्ला जी *(एडवोकेट, सर्वोच्च न्यायालय)* उपस्थित रहेंगे ।
अपना केस
> RAGHVENDRA PRATAP SINGH vs. THE STATE OF UTTAR PRADESH
अन्य टैग याचिकाओं के साथ,आज 24-09-2026 को
*[HON'BLE MR. JUSTICE S.V.N. BHATTI And HON'BLE MR. JUSTICE N.V. ANJARIA]* की बेंच में *[CL.NO. : 11]* पर लगा हुआ है ।
👉आज इस बेंच के सम्मुख आज की डेट पर कार्यरत शिक्षकों के पक्ष को निर्णायक रूप से सुना जाना सम्भावित है ।```
👉बेंच बैठ चुकी है और केस नम्बर्स शुरू हो गए हैं ।
भटनागर सर कोर्टरूम में आ चुके हैं,*
👉: केस नम्बर 4 गतिमान है कोर्ट नम्बर 15 में ।
👉*अभी केस नम्बर 4 की सुनवाई ही जारी है,कोर्ट में ।*
👉केस नम्बर 5 शुरू हुआ ।
👉*टीम की तरफ से सीनियर अधिवक्ता सिद्धार्थ भटनागर सर कोर्टरूम में उपस्थित हैं ।*
अभी आइटम नम्बर 7 गतिमान है ।
👉*अपना मामला 11 नम्बर पर है टेकअप होने के साथ जैसा बेंच का निर्देश रहेगा तदनुरूप बहस जारी रहेगी ।*
👉आइटम नम्बर 11 कॉल हुआ, विकास सर ने सीमित समय का हवाला देकर थोड़ा समय मांगा । *कहा बाकी काउंसिल उसके बाद कर ले अगर बेंच अनुमति दे ।*
👉: बेंच ने कहा Simplify करके समझाईएगा । इसको बिना जटिल बनाये ।
👉> सर ने अनुमति लेकर बात रखना शुरू किया ।
👉 विकास सर द्वारा चार्ट में सहज न होने पर, बेंच से अनुमति लेकर *कालरा जी द्वारा अब उसको समझाया जा रहा है ।*
👉 कालरा जी ने कहा उम्मीद है मैं चीजें स्पष्ट कर रहा हूँ, कालरा जी ने कहा पिटीशनर की तरफ से 4 सिनेरियो बनते हैं जो मैं बेंच को बता रहा हूँ ।इनके हिसाब से भले मेरे नम्बर ज्यादा हों, पर मुझे मेरी कैटेगरी में रखा जाए।
👉विकास सर ने तुरंत रोकते हुए कहा, मुझे बोलने की अनुमति दी जाए मेरे behalf पर ये कैसे बात रख सकते हैं ।
👉: कालरा जी द्वारा निवेदन करते हुए बात जारी रखी जा रही है । जो सीधे तथ्यों पर गुमराह कर रहे हैं ।
👉 *विकास सर* ने कहा बेंच कैटेगरी A के कंपाईलेशन पर ध्यान दे जिसमे 1981 के रूल्स का जिक्र है पेज 76 पर ।
> 2(ब) अपॉइंटिंग अथॉरिटी BSA है । ये बात ध्यान रखने योग्य है । जो हर एक जनपद के अलग अलग है ।
👉: रूल 14 से डिटरमिनेशन ऑफ वेकैंसी किस प्रकार से होती है ये सर बता रहे हैं । इसमे भी BSA को ही जिम्मेदार बताया जा रहा है स्पष्ट करने के लिए । जो बाद में सेक्रेटरी प्रयाग द्वारा पूरे प्रदेश का बनाकर प्रकाशित किया जायेगा ।*
👉*बेंच आपस मे वार्ता कर रही है । अब बेंच क्रॉस क्वेश्चन कर रही है कि ऐसा नियम केंद्र के विश्वविद्यालयों में भी होता है विकास सर ने कहा मैं आपके उसी बिंदु पर आ रहा हूँ थोड़ी देर आप इसको सुनते चलें ।*
👉 > बेंच ने कहा Mr विकास सिंह इसको एक्सप्लेन करने का उद्देश्य क्या है ??
👉: *विकास सर अब अपेंडिक्स पढ़ रहे हैं ।*
👉: *बेंच को सर ने कहा जो जैसा नम्बर पाता जाएगा उसी अनुपात में 10% के अनुपात में मिलता जाएगा ।*
👉बेंच अभी भी क्रॉस क्वेश्चन कर रही है ।
👉*विकास सर बार बार अपने तर्को को सुनने का अनुरोध कर रहे हैं ।*
अब उदाहरण देकर स्पष्ट कर रहे हैं । सर ने कहा मान लीजिए ATRE में कम मार्क्स लेकर कोई आया है और इधर 10 12 स्नातक और BTC में उसके नम्बर ज्यादा हैं तो वो ऊपर न जाये । जबकि यहां जा रहा है ।
👉> अब मेडिकल कॉलेज में अलॉटमेंट का उदाहरण देकर जनपदवार आवंटन को क्लियर करने का प्रयास कर रहे हैं ।
👉: *बेंच आपस मे वार्ता कर रही है ।* विकास सर पुनः मेडिकल कॉलेज अलॉटमेंट का उदाहरण दे रहे हैं ।
👉: बेंच ने कहा हमने जो अबतक सुना है, उसके आधार पर कुछ प्रश्न हैं आप जवाब दें उसके बाद सुनते हैं आगे आपका तर्क ।
👉विकास सर द्वारा साझा किए चार्ट पर अब प्रश्न आ रहे हैं बेंच की तरफ से ।
👉 विकास सर ने कहा ओपन कॉम्पटीशन मैं भी सिर्फ ATRE पर ही रहूंगा ।
👉[24/09, 12:33] null: बेंच ने कहा मुझे पूरा सुनिए मैं आपके आर्गुमेंट से जो समझ रहा हूँ उसे क्लियर करियेगा अगर गलत रहूं तो ।
[24/09, 12:36] null: सर ने कहा सर मेरा पॉइंट जनपदवार का है, मेरिट से पहले विज्ञापन में जॉब ही जनपदवार होती है ।
*जज का कहना है, कि पर जनपदवार आवंटन मेरिट बनने के बाद ही होगा ??*
*बेंच ने कहा यही सिंघवी जी और गुप्ता जी ने बहस किया है पूर्व में ।*
> विकास सर ने कहा मैं भी इसी साइड में हूँ, पर मेरा बिंदु थोड़ा अलग है इसलिए मेरा सबमिशन भी थोड़ी देर नोटिस करें ।
*★सँयुक्त लीगल टीम 69000★*
[24/09, 12:39] null: *विकास सर बता रहे हैं कि जो कुल जॉब की वेकैंसी आती है वो अलग अलग जनपद से अलग अलग संख्या में आती है वहीं से सब कैटेगरी के पदों की संख्या स्पष्ट रहती है ।*
> इसलिए अंत मे नोटिफाई Vacancy ki संख्या समान रहेगी जो पहले से क्लियर है ।
[24/09, 12:42] null: बेंच ने कहा अब आप ओवर करें, विकास सर ने कहा, अब अंतिम सबमिशन ले लीजिए ।
[24/09, 12:43] null: विकास सर ने कहा सर आपने तमाम मामलों में 142 इस्तेमाल किया है, इसलिए सबको एडजस्ट करके इतनी भर्तियों में रिक्तियां है सबको किया जा सकता है । इसमें कोई निकलेगा नहीं।
[24/09, 12:45] null: आइटम नम्बर की तरफ़ से दिनेश द्विवेदी सर ने चीजे थोड़े समय मे रखने की अनुमति मांगी ।
[24/09, 12:46] null: बेंच ने कहा हम 240 सबमिशन कहाँ से पढ़ेंगे ??
[24/09, 12:47] null: राकेश मिश्रा सर द्वारा कहा गया था कि सबमिशन सब अपना अपना करेंगे । आज उन्हें उपस्थित रहकर बेंच को ये स्पष्ट करना चाहिए था कि कंपाइलेशन अलग है सबमिशन अलग ।
[24/09, 12:49] null: क्या आपकी राय विकास सिंह सर की तरह है, दिनेश द्विवेदी सर ने कहा नहीं मैं कुछ अलग भी तथ्य पेश करूँगा ।
[24/09, 12:52] null: विकास सर ने रेजॉइंडर में आने की अनुमति मांगी थी, कोर्ट ने कहा जरूरी होगा तो आपको कहा जाएगा, अभी आवश्यक नहीं है । आपके बिंदु नॉट हो गए हैं । कुछ रहेगा आपके कौंसिल से पूछा जाएगा
[24/09, 12:54] null: बेंच फिर से आपस मे वार्ता कर रही है ।
👉बेंच उठ गई है । लंच हो गया है ।
👉 शेष लंच के बाद....
[24/09, 13:13] null: दिनेश द्विवेदी जी ने शुरू में ही कहा वो शोभा गुप्ता जी और सिंघवी जी से सहमत हैं लेकिन विकास सिंह से उनकी राय भिन्न है ।
> कोर्ट ने तब कहा था आप अपनी बात रखें, लास्ट में हम सबका व्यू ऑब्सर्व करेंगे ।
[24/09, 13:27] null: `कल फरीदी सर ने अंत मे 30 अतिरिक्त मिनट की मांग की थी, इसलिए शुरू उनके कौंसिल की तरफ से ही किया गया है ।`
विकास सिंह सर पुरुषोत्तम शर्मा त्रिपाठी (AOR) की तरफ से उनकी याचिका पर उपस्थित थे ।
*एक बात व्यक्तिगत दुःखी कर रही है हर जा रहा अधिवक्ता भिन्न राय के साथ अगले का खारिज कर दे रहा है । जबकि सबकी कैटेगरी है । शुरू से यही निवेदन मैं बार बार कर रहा था कि कम से कम अधिवक्ताओं का ताल मेल बनवाओ तब बड़ी टीम, छोटी टीम, हमारा सीनियर सीनियर बाकी सबका जूनियर का डर्टी गेम चल रहा था ।*
*इसके अलावा बिना अधीर हुए कॉज लिस्ट दिखिये क्रम आने के साथ हर अधिवक्ता बात रखेगा,* आप हम या कोई भी किसी को बात रखने से न रोक सकते हैं भले वो किसी याचिका पर आ रहे हो या IA पर अथवा रेस्पोंडेंट के तरफ से ।
```राघवेन्द्र भैया और रवि भाई ने रिक्वेस्ट भी किया है सीनियर अधिवक्ता सिद्धार्थ सर से की आप अपनी बात रखिये, जिनसे सहमत रहिये उनका जिक्र करिए, जिनसे असहमत रहिये उनका जिक्र ही न करिए । उम्मीद है सीनियर सर इसका ख्याल रखेंगे जब आइटम नम्बर उनका कॉल आउट होगा ।```
*अब भी निवेदन है एक दूसरे पर कीचड़ उछालना छोड़कर जो जो छूटता जाए उसको अगला लेते हुए बढ़े, अभी मौका आएगा तब किसी के द्वारा ऐसा न हो कि पुनः आपस में गतिरोध दिखे ।*
*★सँयुक्त लीगल टीम 69000★*
[24/09, 14:09] null: बेंच वापस बैठ चुकी है, दिनेश द्विवेदी सर अपनी बात पुनः जारी कर दिए हैं ।
*Two टियर सिलेक्शन क्या है ये बता रहे हैं बेंच को ।*
[24/09, 14:10] null: द्विवेदी सर ने कहा जो 65% से अधिक ला रहे और अपेंडिक्स 1 के आधार पर उनका गुणांक कुछ भी बने उनका माइग्रेशन होने पर आपत्ति नहीं है ।
[24/09, 14:11] null: लेकिन जो 65% नहीं ला रहे हैं ATRE स्टेज पर । उनको रोकने पर विचार किया जाये
[24/09, 14:12] null: *द्विवेदी सर ने कहा टेट पर हम सहमत हैं कि वो एलिजिबिलिटी है, और ये इनेबल करता है अगले चरण में भाग लेने के लिए ।*
[24/09, 14:13] null: मेजर पोर्शन नम्बर का ATRE से आ रहा है । इसलिए इसको जरूर मार्क किया जाए ----- दिनेश द्विवेदी सर ।
[24/09, 14:17] null: पेज 4 पैराग्राफ 3 सेक्शन 3(6) के बारे में अपनी बात तथ्यों पर रख रहे हैं । *द्विवेदी जी ।*
[24/09, 14:28] null: *प्रोसीजर ऑफ सिलेक्शन पढ़कर बेंच को बता रहे हैं ।सर*
[24/09, 14:30] null: कंपाइलेशन पर द्विवेदी जी ने कहा कुछ चीजें भिन्न आ रही हैं, राकेश मिश्रा जी ने कहा कुछ चीजें बाद में फ़ाइल की गई है जिनमे संशोधित ट्रांसलेशन और ट्रू कॉपी थी ।
[24/09, 14:31] null: *पेपर राकेश सर द्वारा देने के बाद बहस आगे बढ़ा रहे हैं द्विवेदी जी ।*
[24/09, 14:32] null: सिस्टेमेटिक तरीके से द्विवेदी जी नरेटिव को कार्यरत शिक्षकों के पक्ष में बनाने की ओर प्रयासरत हैं ।
[24/09, 14:35] null: पेज 48 पर मेंशन है क्या कॉन्सेसन होना चाहिए, age,fee so and so
लेकिन कंपार्टमेंट on basis ऑफ मेरिट प्रेसक्राइब्ड ऑन लॉ by रूल 14 आता है
[24/09, 14:38] null: *रूल 81 जो atre और पासिंग मार्क को डिफाइन करता है उसके बारे में बेंच को अवगत कराया जा रहा है ।*
[24/09, 14:46] null: द्विवेदी सर ने कुछ जजमेंट देकर बहस समाप्त की ।
[24/09, 14:47] null: भटनागर सर डायस पर आते हुए । द्विवेदी सर ने पुनः सबमिशन शामिल रखने का अनुरोध किया ।
[24/09, 14:48] null: भटनागर सर ने द्विवेदी सर की जगह ली । भटनागर सर ने कहा मैं किसी की बात काटूंगा नहीं । लेकिन मुझे बात रखने की अनुमति दीजिये
[24/09, 14:48] null: मैं सीधे सीधे सिंगल सिंगल बेंच के सही निर्णय, और DB ki गलतियां बताऊंगा ।
[24/09, 14:50] null: सर ने कहा टेट और ATRE पर जो CONFLICT आ रहा हमारी तरफ से मैं उसे भी आपके सामने क्लियर कर दूंगा । बातें विरोधाभासी नहीं एक दूसरे की पूरक है जो सिंगल के जजमेन्ट से स्पष्ट हो जाएगा ।
[24/09, 14:52] null: बेंच ने कहा इतने ज्यादा कंपाइलेशन आ गए हैं,
सर ने कहा सर हमने नहीं फ़ाइल किया,कैटेगरी ज्यादा होने के कारण ऐसा है । हमे जो नोडल की तरफ से मिला है उसपर हम बात रख रहे हैं ।
हम सबका एक साथ करके भी आपको अपनी तरफ से करके भी देंगे ।।
[24/09, 14:54] null: सर ने टेट पर एकदम क्लियर कर दिया बेंच को जो भी पिछले अधिवक्ताओं के कॉन्फ्लिक्टस थे ।
[24/09, 14:54] null: सिंगल बेंच के द्वारा बताए गए findings को रख रहे हैं ।
[24/09, 14:55] null: 4 लाख ने पास किया टेट और फॉर्म को भरा जो 6 jan 2019 को सम्पन्न हुआ था 65 और 60 % पासिंग मार्क के साथ ।
[24/09, 14:55] null: सर अभी सिंगल बेंच में सरकार द्वारा मेंशन GO को पढ़ रहे हैं ।
[24/09, 14:56] null: चुनौती दिए गए फ़ैसले में *माननीय हाई कोर्ट ने रिट याचिकाकर्ताओं की जिन दलीलों को माना,* `वे इस गलतफहमी पर आधारित हैं कि भर्ती प्रक्रिया में ATRE के बाद का चरण—जिसमें उम्मीदवार के ATRE में मिले अंकों के साथ-साथ हाई स्कूल, इंटरमीडिएट, ग्रेजुएशन डिग्री, BTC ट्रेनिंग और पहले के टीचिंग अनुभव के अंकों को वेटेज दिया जाता है—"ओपन कॉम्पिटिशन" का हिस्सा है।` यह कहा गया है कि 1982 के नियमों में बताई गई ओपन कॉम्पिटिशन, किसी भी चरण में आरक्षित श्रेणी के उम्मीदवारों और सामान्य श्रेणी के उम्मीदवारों के बीच समान नहीं है।
*असल में, ओपन कॉम्पिटिशन ATRE के साथ ही शुरू और खत्म हो जाती है और उम्मीदवारों के पिछले एकेडमिक रिकॉर्ड/अनुभव के आधार पर बाद में की जाने वाली तुलना ओपन कॉम्पिटिशन का हिस्सा नहीं हो सकती।*
इस संबंध में माननीय अपैक्स कोर्ट के कुछ फ़ैसलों में स्थापित कानून मैं जजमेंट्स के साथ आपके सम्मुख रखूंगा - *सिद्धार्थ भटनागर सर*
[24/09, 14:57] null: इसको ग्रुप्स मे भेज दीजिये अब विपक्ष वाले हमारे साथी न खिलखिलायेंगे ।
[24/09, 14:58] null: *भटनागर सर लेवल प्लेइंग फील्ड को समझा रहे हैं, जो कि हाइकोर्ट में भ्रम फैलाकर आदेश हुआ था ।*
[24/09, 14:59] null: भटनागर सर ने कहा नम्बर की छूट लेकर Atre को पास करने को आरक्षण ही माना जाए ।
[24/09, 14:59] null: सर सिंगल बेंच के जजमेंट को पढ़ते हुए, अपनी चीजे भी स्पष्ट करते चल रहे हैं । *अभी DB के आदेश पर भी आएंगे ।* निश्चिन्त रहिये बचेगा नहीं कुछ भी ।
[24/09, 15:00] null: *सर ने कहा सिंगल बेंच ने जो कहा था हम सबमिशन में उनके जिन बिंदुओं से सहमत हैं उसको सबमिशन में आपको दे दिया है । लेकिन AB DB की चूक पर आपका ध्यान चाहूंगा*
[24/09, 15:01] null: ATRE-2019 सिर्फ़ एक क्वालिफ़ाइंग परीक्षा नहीं थी, क्योंकि हर उम्मीदवार के लिए क्वालिटी पॉइंट्स तय करते समय *इस परीक्षा में मिले स्कोर को 60% वेटेज दिया जाता है ।*
इसके उलट, बाकी चीज़ों—जैसे हाई स्कूल के मार्क्स, इंटरमीडिएट के मार्क्स, ग्रेजुएशन के मार्क्स और BTC ट्रेनिंग—को सिर्फ़ 10-10% वेटेज ही मिलता था । *इससे पता चलता है कि उम्मीदवार चुनने की प्रक्रिया में ATRE-2019 की भूमिका कितनी अहम थी, जो इसे सिर्फ़ एक क्वालिफ़ाइंग परीक्षा से अलग dual purpose एग्जाम बनाती है ।* ---- भटनागर सर
[24/09, 15:01] null: *कालरा सर ने बीच मे रोकना चाहा, भटनागर सर ने कहा सर इन्हें स्पष्ट करें कि अपना टर्न आने का इंतजार करें अनावश्यक हस्तक्षेप स्वीकार नहीं है ।*
[24/09, 15:02] null: *सेक्शन 3(6) की भाषा उस उम्मीदवार के माइग्रेशन (स्थानांतरण) की व्यवस्था करती है जो 'ओपन कॉम्पिटिशन में मेरिट के आधार पर चुना जाता है'। इस तरह, ये दोनों बातें आपस में गहराई से जुड़ी हुई हैं। डिवीज़न बेंच ने इन दोनों को अलग-अलग शर्तें मानकर और 'मेरिट' को 'मेरिट लिस्ट' के बराबर समझकर गलती की। मेरिट को परखने का चरण ओपन कॉम्पिटिशन, यानी ATRE का चरण होता है। इसीलिए, 'ओपन कॉम्पिटिशन में मेरिट' वाक्यांश का इस्तेमाल किया गया है। - भटनागर सर*
[24/09, 15:04] null: DB ने आरक्षित वर्ग को ओपन कैटेगरी में माइग्रेट कराने के लिए अनुमति दी आरक्षण का लाभ लेने के साथ साथ । जबकि यहां पर सिंगल का फाइंडिंग कहीं बेहतर है जिसपर हमारा भी सबमिशन है कि *एक बार जब कोई उम्मीदवार ATRE-2019 के लिए क्वालिफ़ाई करने के लिए आरक्षण का लाभ उठा लेता है, तो वह बाद में ओपन कैटेगरी के उम्मीदवारों में शामिल होने का हकदार नहीं होता है।*
[24/09, 15:04] null: ```आखिरी सिलेक्शन प्रोसेस में ATRE-2019 की बड़ी भूमिका और असर को देखते हुए, यह न सिर्फ़ सिलेक्शन प्रोसेस का एक अहम हिस्सा है, बल्कि 'ओपन कॉम्पिटिशन' और 'मेरिट' तय करने का सबसे सही तरीका भी है।```
*अगर कुछ है, तो 'मेरिट' शिक्षा मित्र के क्वालिटी पॉइंट्स के कारण भी प्रभावित हो रही है जो सीधे सीधे 25 का लाभ दे रही है । - भटनागर सर*
[24/09, 15:06] null: *हाई कोर्ट का यह निष्कर्ष भी गलत है कि 'परीक्षा और उसके ज़रूरी हिस्सों का प्रावधान ऐसा है कि इसमें सभी शामिल हैं और इसका कोई भी हिस्सा ऐसा नहीं है जिसे खास तौर पर अलग माना जाए, जिससे यह उम्मीदवारों को अलग-अलग कैटेगरी में बांटने के मकसद से एक ओपन कॉम्पिटिशन कहला सके।' इसमें इस अहम बात को नज़रअंदाज़ किया गया है कि Appendix में दी गई छह कैटेगरी में से ATRE-2019 ही एकमात्र ओपन कॉम्पिटिशन है जिसमें हर कोई एक साथ टीचर बनने के मकसद से मुकाबला करता है। दूसरे शब्दों में, ATRE-2019 ही एकमात्र एक जैसा और ओपन कॉम्पिटिशन है जिसका मकसद सिर्फ़ टीचर बनना है। - भटनागर सर*
[24/09, 15:06] null: सर ने DB के आदेश की धज्जियां उधेड़ दी हैं ।
[24/09, 15:07] null: सर बेंच को कुछ जजमेंट्स साझा कर रहे हैं, सर का कहना है कि ये आपको नियमो का निर्धारण करने में मदद करेंगे ।
[24/09, 15:08] null: *सर ने कहा कुछ रेस्पोंडेंट कुछ आदेश को हमारे विरुद्ध बताएंगे पर वो जो चीजें हमें फेवर करती है उसे छिपाएंगे इसलिए हम आपका ध्यान पहले ही उसपर पॉइंट आउट कर दे रहे हैं ।*
[24/09, 15:09] null: सर ने कहा रिलैक्सेशन लेवल प्लेइंग फील्ड बनाने के लिए होता है । एक पूरे वर्ग को बाहर करके दूसरे वर्ग को उसमे बढ़ा देने के लिए नहीं । - भटनागर सर
[24/09, 15:10] null: यह स्पष्ट है कि चुने गए *67,867 उम्मीदवारों में से* (ST उम्मीदवारों की अनुपलब्धता के कारण कुछ पद खाली रह गए), *48,062 उम्मीदवार आरक्षित श्रेणी के थे; यानी 70% से अधिक* उम्मीदवार आरक्षित श्रेणी से थे, जबकि *निर्धारित कोटा 50% था (21% SC, 2% ST और 27% OBC)।* यह इसलिए संभव हो सका क्योंकि आरक्षित श्रेणी के उम्मीदवारों ने भर्ती से पहले विभिन्न चरणों में छूट/रियायतों का लाभ उठाकर पात्रता हासिल की थी। आरक्षित श्रेणी के उम्मीदवार सामान्य श्रेणी में माइग्रेशन (स्थानांतरण) का दावा करते समय इस तथ्य को नजरअंदाज करने की कोशिश कर रहे हैं,DB ने भी इन तथ्यों को परखा नहीं है इसलिए बेंच इसको कंसीडर करे------ *सिद्धार्थभटनागर सर*
[24/09, 15:11] null: हम सफल अभ्यर्थी थे और हम वहां पार्टी भी नहीं थे । इसलिए हमको स्टेट ने कुछ जगह फेवर किया है उसे भी हम चाहते हैं आप नोटिस करते चले ।
[24/09, 15:11] null: *भटनागर सर - इस 69000 पदों के सापेक्ष मात्र 19 हजार सामान्य वर्ग अभ्यर्थी चयनित हुए हैं, जिनमे 7000 से अधिक हॉरिजोंटल आए हैं, ऐसे में इतने कम चयन के बाद भी इसी वर्ग के चयन को चिन्हित करना सामान्य वर्ग अभ्यर्थियों के साथ Injustice होगा ।*
Natural जस्टिस भी सामान्य वर्ग अभ्यर्थियों को फेवर करता है ।
[24/09, 15:11] null: यह स्पष्ट है कि चुने गए *67,867 उम्मीदवारों में से* (ST उम्मीदवारों की अनुपलब्धता के कारण कुछ पद खाली रह गए), *48,062 उम्मीदवार आरक्षित श्रेणी के थे; यानी 70% से अधिक* उम्मीदवार आरक्षित श्रेणी से थे, जबकि *निर्धारित कोटा 50% था (21% SC, 2% ST और 27% OBC)।* यह इसलिए संभव हो सका क्योंकि आरक्षित श्रेणी के उम्मीदवारों ने भर्ती से पहले विभिन्न चरणों में छूट/रियायतों का लाभ उठाकर पात्रता हासिल की थी। आरक्षित श्रेणी के उम्मीदवार सामान्य श्रेणी में माइग्रेशन (स्थानांतरण) का दावा करते समय इस तथ्य को नजरअंदाज करने की कोशिश कर रहे हैं,DB ने भी इन तथ्यों को परखा नहीं है इसलिए बेंच इसको कंसीडर करे------ *सिद्धार्थभटनागर सर*
[24/09, 15:12] null: इस भर्ती प्रक्रिया में 70% से अधिक सीटों पर आरक्षित वर्ग के ही अभ्यर्थियों का चयन हुआ है, चूंकि सफल ओबीसी अभ्यर्थियों की संख्या ही अधिक है ऐसे में सारी 100% सीट पर नियुक्ति देने के बाद भी कुछ अभ्यर्थी चयन से वंचित रह जाएंगे ।
[24/09, 15:12] null: इस मामले में, *जिन रिज़र्व्ड कैटेगरी के कैंडिडेट्स ने 65% मार्क्स हासिल किए, वे बिना किसी शक के अनरिज़र्व्ड कैटेगरी में माइग्रेट होने के हकदार थे और ऐसा किया भी गया है।* असल में, सिंगल जज ने नोट किया है कि कुल 67,867 कैंडिडेट्स में से 48,062 कैंडिडेट्स रिज़र्व्ड कैटेगरी से हैं ।
ATRE स्टेज पर छूट/रिज़र्वेशन का फ़ायदा लेने के बाद, रिज़र्व्ड कैटेगरी के वे कैंडिडेट्स जिन्होंने 65% से कम मार्क्स हासिल किए, वे दोबारा माइग्रेशन का फ़ायदा नहीं ले सकते - यही मेरा सबमिशन है और इसका आंकलन करने में DB की चूक स्पष्ट है ----- *★भटनागर सर*
[24/09, 15:13] null: बहुत सम्मान के साथ मैं ये बात रखना चाहूंगा कि ```संवैधानिक नैतिकता के नज़रिए से,संवैधानिक अदालत को अपने फ़ैसले में निष्पक्ष प्रतिनिधित्व और समानता के अधिकार को तय करते समय यह ध्यान रखना चाहिए कि किसी को भी ऐसी बदकिस्मती की वजह से वंचित न किया जाए जो उसकी अपनी गलती नहीं है;```
*अदालत का फ़ैसला ऐसा होना चाहिए जिससे किसी की भी जायज़ उम्मीदें बुरी तरह न टूटें।*
> रिज़र्वेशन एक्ट 1994 और भारत के संविधान के अनुच्छेद 335 का मकसद राज्य की सेवाओं में आरक्षित श्रेणी को निष्पक्ष प्रतिनिधित्व देना रहा है ।
माइग्रेशन पॉलिसी को गलत तरीके से लागू करने का फ़ायदा उठाकर मौजूदा वैकेंसी में आरक्षित श्रेणी के 70% से ज़्यादा उम्मीदवार पहले ही चुने जा चुके हैं ।
सामान्य श्रेणी के उम्मीदवारों को लग रहा है कि उन्हें निष्पक्षता की जायज़ उम्मीद से वंचित किया जा रहा है।
*ऊपर बताई गई बातों को ध्यान में रखते हुए, याचिकाकर्ता चाहते हैं कि डिवीज़न बेंच के आदेश को रद्द किया जाए और SLP को मंज़ूरी दी जाए*----> *सिद्धार्थ भटनागर सर*
[24/09, 15:13] null: सम्मानपूर्वक निवेदन है कि ऐसे कई लोग हैं जिनमें यहाँ याचिकाकर्ता (सामान्य श्रेणी के उम्मीदवार) भी शामिल हैं, जिन्होंने अपनी पुरानी नौकरियाँ छोड़ने के बाद असिस्टेंट टीचर के तौर पर नियुक्ति पाई है और
अभी U.P. के अलग-अलग ज़िलों में असिस्टेंट टीचर के तौर पर काम कर रहे हैं। ऐसे कई लोग है जिनमें यहाँ याचिकाकर्ता भी शामिल हैं, जो अब उम्र सीमा पार कर चुके हैं और किसी दूसरी परीक्षा में शामिल नहीं हो सकते। उनमें से कई लोगों ने असिस्टेंट टीचर के तौर पर काम करते हुए अलग-अलग कामों के लिए लोन लिए थे, इस उम्मीद में कि वे राज्य सरकार से मिलने वाली सैलरी से आसानी से लोन और EMI चुका देंगे,
*ऐसे में बेंच से आग्रह है कि पिटीशनर के इक्विटी को ध्यान में रखते हुए कार्यरत शिक्षकों को सुरक्षित करने के बाद नियमों का निर्धारण किया जाए ।* --- भटनागर सर
[24/09, 15:13] null: *विभिन्न याचिकाओ के माध्यम से उपस्थित याचिकाकर्ताओ में तमाम सारे अभ्यर्थी ओवर age हो चुके हैं, मेरी याचिका के कई पिटीशनर अन्य नौकरियों को छोड़कर इस नौकरी को जॉइन किये हैं, चूंकि सर्विस टाइम एक्सीड हो चुका है, इसलिए उनके लिए वापसी सम्भव नहीं है उन सबका हित दोहरे रूप में प्रभावित हो रहा है । - सर*
[24/09, 15:14] null: भटनागर सर ने कहा अंत मे जब बाकी अधिवक्ता बात रख लें तब उन्हें फिर से चीजे स्पष्ट रखने हेतु समय जरूर दिया जाए । बेंच ने अनुमति प्रदान की ।
[24/09, 15:15] null: भटनागर सर का सबमिशन पूर्ण हुआ, अब निखिल सर बात रख रहे हैं । सर ने कहा मात्र 10 मिनट में मैं बात रखूंगा और रिपीट नहीं करूंगा ।
[24/09, 15:16] null: कार्यरत पक्ष से ग़ैरविवादित रूप से अबतक सिर्फ भटनागर सर ने बात रखी । किसी की भी बात नहीं काटी गई और *शोभा Mam के और बाकियों के कॉन्फ्लिक्टस भी क्लियर कर दिए गए बेंच के सामने ।*
[24/09, 15:23] null: *भटनागर सर की बहस के बाद, पूर्व में खिलखिला रहे विपक्ष की आपसी चर्चा ।*
[24/09, 15:24] null: निखिल सर ने कहा अब के नियमो के हिसाब से horizontal लगेगा तो नियम बदल चुके हैं ऐसे में लिस्ट पर कॉफ्लिक्ट हो जाएगा ।
[24/09, 15:28] null: *निखिल सर की बहस समाप्त उन्होंने अपना सबमिशन कोर्ट मास्टर को हैंडओवर किया ।*
[24/09, 15:29] null: *उस समय जो आदेश प्रभावी था उसकी कॉपी पेश करने की अनुमति लेकर निखिल सर ने सबमिट किया ।*
फरीदी सर बात रख रहे हैं, भटनागर सर ने जो बात को मार्क की थी । ठीक वही बता रहे हैं ATRE ही एकमात्र ओपन कॉम्पटीशन था, 10 12 वगैरह नहीं ।
[15:41, 24/09/2026] पटवालिया सर ने कहा अगर आप REDRAW करना चाहें लिस्ट तो मैं बात रखूं ।
[15:41, 24/09/2026] : बेंच ने कहा, हम अभी नहीं बताने जा रहे हैं, क्या करने वाले हैं ।
[15:42, 24/09/2026] : पटवालिया सर को सिरे से सुनने से मना कर दिया -कहा आपके कैटेगरी, की बारी आने पर ही सबमिशन लेंगे ।
[15:43, 24/09/2026] : बेंच ने गोयल सर को बुलाया, कहा कॉज लिस्ट दिखाइए, ये आइटम नम्बर्स खत्म क्यों न हो रहे हैं ।
[15:45, 24/09/2026] गोयल सर अब फिर से सारी कैटेगरी बता रहे हैं,जिस क्रम से कैटेगरी आएंगे और बात रखेंगे
[24/09, 15:47] null: *अमित पवन सर बुलेट ट्रेन की तरह रफ्तार बढाकर बात रख रहे हैं क्योंकि समय कम है बेंच उठ सकती है कभी भी ।*
[24/09, 15:47] null: > देवेश शर्मा जजमेंट से बेंच को अवगत करा रहे हैं ।

