प्राथमिक कक्षाओं में संस्कृत संभाषण को बढ़ावा देने की तैयारी, 5 दिवसीय कार्यशाला के लिए शिक्षकों की सूची जारी
लखनऊ। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत संस्कृत को विद्यार्थियों के लिए एक महत्वपूर्ण एवं समृद्ध विकल्प के रूप में बढ़ावा देने की दिशा में राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (SCERT), उत्तर प्रदेश ने नई पहल शुरू की है। प्राथमिक स्तर पर कक्षा 3, 4 एवं 5 के विद्यार्थियों के लिए संस्कृत संभाषण संदर्शिका विकसित की जा रही है।
इसी क्रम में 05 अक्टूबर से 09 अक्टूबर 2026 तक पांच दिवसीय कार्यशाला का आयोजन परिषद मुख्यालय, लखनऊ में किया जाएगा। कार्यशाला में प्रदेश के विभिन्न जनपदों से चयनित प्रवक्ताओं एवं सहायक अध्यापकों को प्रतिभाग करने के लिए नामित किया गया है।
संस्कृत संभाषण मॉड्यूल किया जाएगा विकसित
जारी पत्र के अनुसार कार्यशाला का उद्देश्य प्राथमिक स्तर पर विद्यार्थियों के लिए संस्कृत संभाषण से संबंधित मॉड्यूल तैयार करना है। इसके माध्यम से बच्चों में संस्कृत भाषा के प्रति रुचि विकसित करने तथा संस्कृत को सहज एवं अनुभवात्मक तरीके से सीखने का अवसर देने पर जोर रहेगा।
पत्र में कहा गया है कि संस्कृत के माध्यम से भारतीय ज्ञान परंपरा, गौरवशाली संस्कृति और प्राचीन भारतीय परंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के उद्देश्य से संस्कृत अध्ययन को रुचिपूर्ण बनाने की दिशा में यह कार्य किया जा रहा है।
इन जिलों से शिक्षक किए गए नामित
कार्यशाला के लिए जारी सूची में वाराणसी, सहारनपुर, प्रयागराज, आजमगढ़, सीतापुर, बदायूं, चंदौली एवं भदोही समेत विभिन्न जनपदों के शिक्षक शामिल हैं।
सूची में प्रवक्ता संस्कृत के साथ-साथ सहायक अध्यापकों को भी शामिल किया गया है। नामित शिक्षकों को 05 अक्टूबर 2026 को सुबह 10 बजे परिषद मुख्यालय, लखनऊ में उपस्थित होने के निर्देश दिए गए हैं।
5 दिन चलेगी कार्यशाला
कार्यशाला 05 अक्टूबर से 09 अक्टूबर 2026 तक आयोजित होगी। इसमें प्राथमिक स्तर की कक्षाओं के लिए संस्कृत संभाषण को प्रभावी बनाने, शिक्षण सामग्री तैयार करने और बच्चों के लिए भाषा को सरल एवं संवादात्मक बनाने से जुड़े पहलुओं पर काम किए जाने की जानकारी पत्र में दी गई है।
परिषद की ओर से संबंधित संस्थानों और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को नामित शिक्षकों को कार्यमुक्त कर निर्धारित समय पर कार्यशाला में भेजने के निर्देश दिए गए हैं।
मुख्य बात: प्राथमिक कक्षा 3 से 5 के विद्यार्थियों के लिए संस्कृत संभाषण संदर्शिका विकसित होने के बाद इसका उपयोग स्कूलों में संस्कृत भाषा को अधिक सरल, संवादात्मक और रुचिपूर्ण बनाने में किया जा सकेगा।


