69 हजार शिक्षक भर्ती: सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई जारी, चुनाव से पहले फैसले की चर्चा तेज
नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश की 69 हजार सहायक शिक्षक भर्ती से जुड़े आरक्षण विवाद पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई जारी है। मामले में बुधवार को भी सुनवाई हुई, जिसमें कोर्ट ने दलीलों को सीमित रखने और मामले की लंबी सुनवाई को ध्यान में रखते हुए बहस आगे बढ़ाने की बात कही।
समाचार रिपोर्ट के अनुसार, सुनवाई के दौरान हजारों शिक्षकों से जुड़े मामले में जल्द निर्णय की आवश्यकता पर भी चर्चा हुई। वहीं, अधिवक्ताओं को आपस में बहस सीमित रखने की हिदायत दिए जाने का उल्लेख है।
TET और चयन प्रक्रिया पर भी चर्चा
सुनवाई के दौरान अभ्यर्थियों के TET और ATET में प्राप्त अंकों से जुड़े मुद्दे पर भी दलीलें सामने आईं। रिपोर्ट के अनुसार, एक दलील में TET में 65 प्रतिशत और ATET में 60 प्रतिशत अंक प्राप्त करने वाले अभ्यर्थियों के संबंध में स्थिति स्पष्ट करने की मांग की गई।
लंबे समय से सेवा कर रहे शिक्षकों का मुद्दा
सुनवाई के दौरान यह भी बताया गया कि चयनित शिक्षक कई वर्षों से सेवाएं दे रहे हैं और कोविड अवधि के दौरान कुछ शिक्षकों की मृत्यु भी हुई है। कोर्ट की ओर से इस संदर्भ में यह जानने का प्रयास किया गया कि चयन प्रक्रिया में गलती कहां हुई।
वहीं, रिपोर्ट के अनुसार लगभग 1.25 लाख पद खाली होने का भी उल्लेख सुनवाई के दौरान किया गया और वंचित अभ्यर्थियों को इन पदों पर समायोजित करने की मांग रखी गई। हालांकि, चयनित शिक्षकों को सेवा से बाहर करने के बजाय मामले को किस तरह हल किया जाए, इस पर अंतिम निर्णय अभी नहीं आया है।
अगली सुनवाई पर भी रहेगी नजर
69 हजार शिक्षक भर्ती का मामला लंबे समय से न्यायिक प्रक्रिया में है। सुप्रीम कोर्ट में चल रही सुनवाई में आगे होने वाली दलीलों और कोर्ट के आदेश से ही यह स्पष्ट होगा कि चयनित शिक्षकों और वंचित अभ्यर्थियों के संबंध में क्या व्यवस्था बनती है।

