मैनपुरी। हाल ही में हुई आंगनबाड़ी कार्यकत्री एवं सहायिका के पदों की भर्ती में गड़बड़ी के आरोप लगे हैं। ये आरोप आवेदन करने वालों पर अधिकारियों को गुमराह कर चयन पाने का लगाया गया है। आवेदिका की शादी हो चुकी है मगर उसने अपना निवास मायका दर्शाया। इस मामले की शिकायत पर्यटन मंत्री से की गई है। वहीं एक अन्य मामले में एक आवेदिका ने अपने पति के स्थान पर अपने ससुर का आय प्रमाण पत्र लगा दिया है। दोनों ही मामलों के जांच के निर्देश दिए गए हैं।
बेवर विकासखंड क्षेत्र की ग्राम पंचायत टिकुरी निवासी रुचि सिंह पत्नी भूपेंद्र सिंह ने पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह से शिकायत की। बताया कि उसने पंचायत के मिनी आंगनबाड़ी सहायिका पद के लिए आवेदन किया था। सहायिका पद के लिए साधना पत्नी सूर्यप्रताप सिंह निवासी मोहल्ला नई बस्ती वंशीगौहरा मैनपुरी का चयन भी हो गया है। नियमानुसार चयन में स्थानीय निवासी को वरीयता दी जाती है। साधना सिंह का मायका टिकुरी गांव में है। साधना की शादी वर्ष 2022 में मैनपुरी के वंशीगौहरा में भूपेंद्र के साथ हुई है और वहीं की निवासी हैं। मगर आवेदन के समय साधना ने टिकुरी का ही निवासी दर्शाकर पिता ज्ञानप्रकाश के नाम से आवेदन कर दिया और चयन हो गया। जबकि पीड़िता रुचि सिंह मैरिट में दूसरे स्थान पर है। स्थानीय निवासी के आधार चयन रुचि सिंह का होना था लेकिन साधना ने कागजों में हेरफेर करके सहायिका पद की नौकरी पा ली।
महटौली में आवेदिका ने ससुर का लगाया आय प्रमाण पत्र
जिले में आंगनबाड़ी कार्यकत्री के 74 और सहायिका के 70 पदों पर चयन प्रक्रिया की गई है। इसमें से कुछ ग्राम पंचायतों में नियुक्ति प्रक्रिया अभी भी पूरी नहीं हो सकी है। घिरोर की ग्राम पंचायत महटोली में कार्यकत्री के पद पर चयन होना शेष है। यहां के निवासी जसवीर सिंह ने जिला कार्यक्रम अधिकारी को प्रार्थना पत्र दिया। इसमें बताया कि उनकी पंचायत से कायकत्री पद के लिए दीक्षा पत्नी शिवा सागर ने भी आवेदन किया है। दीक्षा अभी सहायिका के पद पर तैनात हैं और उनके पति शिकोहाबाद तहसील में जॉब करते हैं। आरोप लगाया कि दीक्षा ने अपने ससुर उदयवीर जो कि कोटा डीलर भी हैं, का आय प्रमाण पत्र लगाकर पूर्व में सहायिका के पद पर चयन पा लिया था और अब पुन: कार्यकत्री के पद पर चयन पाने के लिए ससुर उदयवीर का आय प्रमाण पत्र लगाया है। पीड़ित ने इन तथ्यों की जांच कराने की मांग की है।
भोगांव तहसीलदार को भेजा गया पत्र
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने इस शिकायत को गंभीरता से लिया और जांच के निर्देश दिए। मामले में जिला कार्यक्रम अधिकारी अशोक कुमार का कहना है कि मामले की जांच चल रही है। भोगांव तहसीलदार को पत्र लिखा गया है, जिसमें पूछा गया है कि साधना पुत्री ज्ञानप्रकाश का निवास सही है या गलत है। भोगांव तहसीलदार की रिपोर्ट मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। यदि निवास फर्जी पाया जाएगा तो चयन निरस्त कर दिया जाएगा।
