एनआईओएस 6 माह का ब्रिज कोर्स:----
प्रधानाचार्य अभिमुखीकरण कार्यक्रम — महत्वपूर्ण बिंदु
मुख्य जानकारी| विवरण
अवधि| 6 माह
अध्ययन पद्धति| दूरस्थ एवं ऑनलाइन अध्ययन
कुल क्रेडिट| 20
कुल अंक| 500
आंतरिक मूल्यांकन| 250 अंक
बाह्य परीक्षा| 250 अंक
विद्यालय अनुभव| 20 दिन
उपस्थिति| न्यूनतम 80%
📚 पाठ्यक्रम की संरचना
6 सैद्धांतिक विषय + 1 विद्यालय अनुभव
1. बाल विकास एवं शैक्षिक मनोविज्ञान — 4 क्रेडिट
2. पाठ्यचर्या, शिक्षण-पद्धति एवं आकलन — 4 क्रेडिट
3. भाषा–1 की शिक्षण-पद्धति — 2 क्रेडिट
4. भाषा–2 की शिक्षण-पद्धति — 2 क्रेडिट
5. गणित की शिक्षण-पद्धति — 2 क्रेडिट
6. हमारे आसपास की दुनिया की शिक्षण-पद्धति — 2 क्रेडिट
7. विद्यालय अनुभव — 4 क्रेडिट
🏫 विद्यालय अनुभव — 20 दिन
- कुल 20 दिन का विद्यालय अनुभव करना है।
- 20 दिन लगातार करना आवश्यक नहीं है; इसे सुविधानुसार कई महीनों में फैलाया जा सकता है।
- अनुभव अपने वर्तमान विद्यालय में किया जाएगा।
- न्यूनतम 80% उपस्थिति आवश्यक है।
- प्रधानाचार्य एवं आवश्यकता के अनुसार जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान द्वारा निगरानी एवं मूल्यांकन किया जाएगा।
📝 पाठ योजना एवं कक्षा अवलोकन
चार विषयों में पाठ योजनाएँ तैयार करनी हैं—
भाषा–1 + भाषा–2 + गणित + हमारे आसपास की दुनिया
- प्रत्येक विषय की 10 पाठ योजनाएँ
- कुल 40 पाठ योजनाएँ
- प्रधानाचार्य द्वारा कम-से-कम 20 पाठों का अवलोकन
- प्रत्येक विषय से लगभग 5 पाठ
- अवलोकन के बाद शिक्षक को सुधारात्मक एवं रचनात्मक सुझाव दिए जाएँगे।
🎨 गतिविधियाँ एवं पोर्टफोलियो
कार्यक्रम में निर्धारित गतिविधियों में से 5 गतिविधियाँ करनी हैं।
उदाहरण—
कला एवं शिल्प, योग, खेल, संगीत, स्वास्थ्य एवं कल्याण, जादुई पिटारा आदि।
पोर्टफोलियो में पाठ योजनाएँ, गतिविधियाँ, बच्चों के कार्य, शिक्षक के अनुभव, अच्छे अभ्यास एवं आवश्यक प्रमाण सुरक्षित रखने हैं।
📖 चिंतन-पत्र
- 20 विद्यालय अनुभव दिनों के लिए 20 चिंतन-पत्र।
- प्रत्येक शिक्षण दिवस के बाद अपने अनुभव का चिंतन लिखना है।
- अंत में समेकित/सारांशात्मक रिपोर्ट तैयार करनी है।
मुख्य प्रश्न—
> क्या हुआ? → बच्चों ने क्या सीखा? → क्या अच्छा रहा? → कहाँ कठिनाई आई? → अगली बार क्या सुधार करेंगे?
📋 आंतरिक कार्य
आंतरिक कार्य केवल पुस्तक से नकल करके नहीं करना है। इसे अपने वास्तविक कक्षा अनुभव से जोड़ना है।
वीडियो में उदाहरण दिए गए हैं—
- गणित में बच्चों की गलतियों का विश्लेषण
- बच्चों की वैकल्पिक धारणाओं को समझना
- पाठ्यपुस्तक का आलोचनात्मक अध्ययन
- दीक्षा एवं डिजिटल शैक्षिक सामग्री का उपयोग
- ई-जादुई पिटारा एवं पर्यावरण अध्ययन सामग्री
- शैक्षिक भ्रमण एवं उसका विश्लेषण
- बच्चों के सामाजिक एवं आर्थिक परिवेश का अध्ययन
आंतरिक कार्य एनआईओएस के पोर्टल पर अपलोड करना होगा।
कार्य हस्तलिखित या डिजिटल रूप से टाइप किया हुआ, दोनों प्रकार से किया जा सकता है।
💯 मूल्यांकन
कुल 500 अंक = 250 आंतरिक + 250 बाह्य
आंतरिक मूल्यांकन में विद्यालय अनुभव, पाठ योजनाएँ, गतिविधियाँ, पोर्टफोलियो, चिंतन-पत्र एवं अन्य निर्धारित कार्य महत्वपूर्ण हैं।
सभी प्रमाण एवं अभिलेख सुरक्षित रखें, ताकि आवश्यकता पड़ने पर सत्यापन किया जा सके।
👨🏫 प्रधानाचार्य की भूमिका:----
प्रधानाचार्य को केवल औपचारिक हस्ताक्षर नहीं करने हैं, बल्कि शिक्षक को सहयोग करना है—
> लचीली समय-सारणी → शिक्षण का अवसर → पाठ का अवलोकन → रचनात्मक सुझाव → मूल्यांकन → अभिलेख सुरक्षित रखना → शिक्षक को सहयोग
यदि एक विद्यालय में कई शिक्षक यह पाठ्यक्रम कर रहे हों तो उनके विद्यालय अनुभव को अलग-अलग दिनों में व्यवस्थित किया जा सकता है।
🎯 पाठ्यक्रम का मुख्य उद्देश्य:----
बी.एड. में प्राप्त ज्ञान को प्राथमिक कक्षा की वास्तविक आवश्यकताओं से जोड़ना।
मुख्य आधार
> बाल विकास + शिक्षण-पद्धति + गतिविधि आधारित शिक्षण + समावेशी शिक्षा + आकलन + चिंतन + वास्तविक कक्षा अनुभव
✅ संक्षिप्त जाँच सूची
☑️ 6 माह का पाठ्यक्रम
☑️ 20 क्रेडिट
☑️ 500 अंक
☑️ 250 आंतरिक + 250 बाह्य अंक
☑️ 20 दिन विद्यालय अनुभव
☑️ 80% उपस्थिति
☑️ 40 पाठ योजनाएँ
☑️ कम-से-कम 20 पाठों का अवलोकन
☑️ 5 गतिविधियाँ
☑️ पोर्टफोलियो
☑️ 20 चिंतन-पत्र
☑️ समेकित रिपोर्ट
☑️ आंतरिक कार्य
☑️ सभी प्रमाण एवं अभिलेख सुरक्षित रखना
☑️ एनआईओएस पोर्टल पर कार्य अपलोड करना
☑️ निर्धारित केंद्र पर अंतिम परीक्षा
किसी भी भ्रम की स्थिति में एक बार NIOS की तरफ से आने वाली निर्देशिका से मिलान अवश्य करें ।किसी शंका समाधान के लिए अपना प्रश्न टीम के साथियों से भी बेझिझक पूछ सकते हैं ।
