Special TET 2026: शिक्षामित्रों की एंट्री पर स्थिति साफ, आयोग बोला- शामिल करने का कोई आदेश नही
Special TET 2026: उत्तर प्रदेश में बिना TET कार्यरत शिक्षकों को अपनी पात्रता पूरी करने का अवसर देने के लिए पहली बार आयोजित की जा रही स्पेशल टीईटी (Special TET) को लेकर शिक्षामित्रों की मांग तेज हो गई है। हालांकि, फिलहाल शिक्षामित्रों को इस परीक्षा में शामिल करने को लेकर कोई आदेश जारी नहीं हुआ है।
राज्य शिक्षा सेवा चयन आयोग के उप सचिव संजय के अनुसार, शिक्षामित्रों को स्पेशल टीईटी में शामिल करने के संबंध में आयोग को अभी तक कोई आदेश प्राप्त नहीं हुआ है। ऐसे में मौजूदा व्यवस्था के तहत स्पेशल टीईटी के लिए शिक्षामित्र आवेदन नहीं कर सकते हैं।
1.43 लाख शिक्षामित्र, बड़ी संख्या में TET से बाहर
प्रदेश में करीब 1.43 लाख शिक्षामित्र कार्यरत बताए जा रहे हैं। इनमें लगभग 73 हजार शिक्षामित्र ऐसे हैं, जिन्होंने अभी तक TET पास नहीं किया है, जबकि करीब 70 हजार शिक्षामित्र UPTET उत्तीर्ण कर चुके हैं।
स्पेशल टीईटी की आवेदन प्रक्रिया शुरू होने के बाद से ही शिक्षामित्रों को भी इस परीक्षा में शामिल करने की मांग उठ रही है। शिक्षामित्रों का कहना है कि लंबे समय से परिषदीय विद्यालयों में शिक्षण कार्य करने के बावजूद TET की अनिवार्यता के कारण उनका भविष्य प्रभावित हो सकता है।
मुख्यमंत्री से शिक्षामित्रों को शामिल करने की मांग
शिक्षामित्रों को स्पेशल टीईटी में शामिल करने के लिए कई जनप्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र भी भेजे हैं। विधान परिषद सदस्य डॉ. मानवेंद्र प्रताप सिंह और देवेंद्र प्रताप सिंह समेत अन्य जनप्रतिनिधियों ने शिक्षामित्रों को विशेष TET में मौका देने का अनुरोध किया है।
'जब अन्य को मौका तो शिक्षामित्रों को क्यों नहीं?'
एमएलसी डॉ. मानवेंद्र प्रताप सिंह ने मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में तर्क दिया है कि यदि अन्य कार्यरत शिक्षकों, CWSN शिक्षकों और एजुकेटर्स को स्पेशल टीईटी में शामिल होने का अवसर दिया जा रहा है, तो लंबे समय से विद्यालयों में शिक्षण कार्य कर रहे शिक्षामित्रों को भी परीक्षा में शामिल होने का अवसर मिलना चाहिए।
उनका कहना है कि स्पेशल टीईटी पास करने का अवसर मिलने से वर्षों से शिक्षण कार्य कर रहे शिक्षामित्र अपनी आवश्यक पात्रता पूरी कर सकेंगे और भविष्य में सहायक शिक्षक के पद पर चयन के लिए TET की कमी उनके रास्ते में बाधा नहीं बनेगी।
18 हजार रुपये है शिक्षामित्रों का मानदेय
प्रदेश में शिक्षामित्रों को वर्तमान में राज्य सरकार की ओर से 18 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय दिया जा रहा है। शिक्षामित्रों की मांग है कि उन्हें भी स्पेशल टीईटी में शामिल होने का अवसर दिया जाए, ताकि भविष्य में यदि सहायक शिक्षक भर्ती में उन्हें अवसर मिले तो केवल TET उत्तीर्ण न होने के कारण वे पात्रता से बाहर न हो जाएं।
5 सितंबर से शुरू हुआ आवेदन, 3 नवंबर को परीक्षा
स्पेशल टीईटी के लिए आवेदन प्रक्रिया 5 सितंबर 2026 से शुरू हो चुकी है। आवेदन की अंतिम तारीख 4 अक्टूबर 2026 निर्धारित है। वहीं परीक्षा 3 नवंबर 2026 को प्रस्तावित है।
यह पहली बार है जब प्रदेश में बिना TET कार्यरत शिक्षकों को पात्रता पूरी करने का अवसर देने के उद्देश्य से विशेष TET आयोजित की जा रही है।
31 अगस्त 2028 तक TET पास करना जरूरी
बिना TET कार्यरत शिक्षकों को लेकर सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद 31 अगस्त 2028 तक TET उत्तीर्ण करना अनिवार्य किया गया है। इसी पृष्ठभूमि में प्रदेश में स्पेशल टीईटी आयोजित की जा रही है।
फिलहाल शिक्षामित्रों को इस परीक्षा में शामिल करने का फैसला नहीं हुआ है। यदि शासन की ओर से आगे कोई नया आदेश जारी होता है, तो उसके आधार पर शिक्षामित्रों की पात्रता और आवेदन को लेकर स्थिति बदल सकती है।

