कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में कम छात्राओं की उपस्थिति, अधिकारियों से जवाब-तलब
लखनऊ: प्रदेश के कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों (केजीबीवी) में छात्राओं की कम उपस्थिति को लेकर बेसिक शिक्षा विभाग ने सख्ती शुरू कर दी है। कई जिलों में विद्यालयों में छात्राओं की उपस्थिति 50 प्रतिशत से भी कम पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों से जवाब-तलब किया गया है।
जानकारी के अनुसार, प्रदेश के 27 जिलों के कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में छात्राओं की उपस्थिति 60 प्रतिशत से भी कम मिली है। वहीं मेरठ, आजमगढ़, सोनभद्र, बलिया और गाजियाबाद जैसे जिलों में उपस्थिति 50 प्रतिशत से भी कम दर्ज की गई है।
इन जिलों में भी स्थिति संतोषजनक नहीं
कम छात्राओं की उपस्थिति वाले जिलों में प्रयागराज, बलरामपुर, इटावा, गाजियाबाद, गोरखपुर, ललितपुर, कुशीनगर, अंबेडकरनगर, फिरोजाबाद, उन्नाव, वाराणसी, बांदा, बुलंदशहर, बरेली, महाराजगंज, हाथरस, मुरादाबाद, बलरामपुर और बदायूं समेत अन्य जिले शामिल बताए गए हैं।
विभाग की ओर से संबंधित जिलों के अधिकारियों और विद्यालयों के जिम्मेदारों से स्थिति को लेकर जवाब मांगा गया है।
विशेष निरीक्षण अभियान चलाने के निर्देश
कम उपस्थिति को गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों को विशेष निरीक्षण अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। निरीक्षण के दौरान छात्राओं की वास्तविक उपस्थिति, विद्यालय में उनकी नियमितता और अन्य व्यवस्थाओं की जांच की जाएगी।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि निरीक्षण के दौरान यदि छात्राओं की उपस्थिति बढ़ाए जाने या उपस्थिति से संबंधित किसी तरह की लापरवाही सामने आती है, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।
केजीबीवी में छात्राओं की उपस्थिति पर विभाग की नजर
कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों का उद्देश्य मुख्य रूप से वंचित एवं कमजोर वर्ग की बालिकाओं को आवासीय शिक्षा उपलब्ध कराना है। ऐसे में विद्यालयों में छात्राओं की नियमित उपस्थिति महत्वपूर्ण मानी जाती है।
कम उपस्थिति के मामलों में विभाग अब जिला स्तर पर निगरानी बढ़ाने की तैयारी में है। अधिकारियों से जवाब मांगे जाने के बाद निरीक्षण रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा सकती है।

