Primary Ka Master Latest Updates👇

Saturday, October 3, 2026

69000 शिक्षक भर्ती: चयनित बीएड अभ्यर्थियों को लेकर अफवाहों पर कानूनी टीम ने दी सफाई

 69000 शिक्षक भर्ती: चयनित बीएड अभ्यर्थियों को लेकर अफवाहों पर कानूनी टीम ने दी सफाई

69000 Teacher Recruitment: उत्तर प्रदेश की 69,000 शिक्षक भर्ती में चयनित बीएड अभ्यर्थियों की स्थिति को लेकर सोशल मीडिया पर चल रही चर्चाओं के बीच बीएड लीगल टीम की ओर से स्पष्टीकरण जारी किया गया है। टीम की ओर से चयनित अभ्यर्थियों से अफवाहों पर ध्यान न देने और न्यायालय के वास्तविक आदेशों को देखने की अपील की गई है।




90/97 कटऑफ के आदेश का दिया हवाला

बीएड लीगल टीम के अंशुमान सिंह की ओर से जारी संदेश में कहा गया है कि 69,000 शिक्षक भर्ती 90/97 के कटऑफ से संबंधित सुप्रीम कोर्ट के आदेश के आधार पर हुई थी और यह भर्ती किसी अंतरिम आदेश के आधार पर नहीं हुई थी।


सुप्रीम कोर्ट के रिकॉर्ड में Ram Sharan Maurya & Ors. v. State of U.P. & Ors. मामले में 69,000 भर्ती से संबंधित कार्यवाही और 90/97 से जुड़े तथ्यों का उल्लेख मिलता है।


B.Ed अभ्यर्थियों की सुरक्षा को लेकर क्या कहा गया?

जारी संदेश में Supreme Court के 8 अप्रैल 2024 के आदेश, MA No. 4303/2024 in C.A. No. 5068/2023, Devesh Sharma मामले का भी हवाला दिया गया है।


इस आदेश में सुप्रीम कोर्ट ने कुछ परिस्थितियों में पहले से नियुक्त B.Ed अभ्यर्थियों की सेवाओं को संरक्षण दिया था। आदेश में स्पष्ट किया गया कि जिन B.Ed योग्य अभ्यर्थियों की नियुक्तियां उस आदेश के तहत संरक्षित हैं, उन्हें Bridge Course करना होगा। साथ ही यह संरक्षण 11 अगस्त 2023 के फैसले से पहले नियुक्त अभ्यर्थियों के लिए बताया गया था।


इसलिए इस आदेश को पढ़ते समय यह महत्वपूर्ण है कि हर चयनित B.Ed अभ्यर्थी स्वतः इसी संरक्षण के दायरे में आता है, ऐसा निष्कर्ष केवल इस आदेश के आधार पर नहीं निकाला जा सकता। आदेश में चयन और नियुक्ति के बीच स्पष्ट अंतर किया गया है।


सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो को लेकर अपील

बीएड लीगल टीम की ओर से आरोप लगाया गया है कि कुछ लोग न्यायालय की टिप्पणियों अथवा वीडियो के छोटे हिस्से को प्रसारित करके चयनित B.Ed अभ्यर्थियों में भ्रम पैदा कर रहे हैं। टीम ने अभ्यर्थियों से अपील की है कि किसी भी वायरल वीडियो या सोशल मीडिया पोस्ट के बजाय पूरा न्यायालयीन आदेश और आधिकारिक रिकॉर्ड देखें।


सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट भी अपने न्यायिक रिकॉर्ड के संबंध में लोगों को मूल आदेशों और संबंधित रिकॉर्ड को सत्यापित करने की सलाह देती है।


भर्ती रद्द होने की चर्चा पर भी प्रतिक्रिया

जारी संदेश में आरक्षण से जुड़ी किसी विसंगति और पूरी भर्ती में कथित अनियमितता को अलग-अलग कानूनी मुद्दे बताते हुए कहा गया है कि केवल किसी आरक्षण संबंधी विवाद को आधार बनाकर पूरी भर्ती को स्वतः रद्द मान लेना उचित नहीं होगा।


हालांकि, यह एक कानूनी तर्क/दावा है; किसी भर्ती को रद्द करना है या नहीं, यह संबंधित न्यायालय के अंतिम आदेश और मामले के तथ्यों पर निर्भर करेगा। इसलिए इस संबंध में अभी कोई अंतिम निष्कर्ष निकालना उचित नहीं है।


अभ्यर्थियों को क्या करना चाहिए?

69,000 शिक्षक भर्ती के चयनित अभ्यर्थियों के लिए फिलहाल महत्वपूर्ण है कि—


सोशल मीडिया पर चल रही अपुष्ट खबरों पर तुरंत भरोसा न करें।

वायरल वीडियो की बजाय पूरा कोर्ट ऑर्डर पढ़ें।

अपनी नियुक्ति से संबंधित दस्तावेज सुरक्षित रखें।

किसी भी कानूनी दावे की पुष्टि Supreme Court/High Court के आधिकारिक रिकॉर्ड से करें।

किसी व्यक्ति या संगठन को कानूनी सहायता के नाम पर भुगतान करने से पहले उसकी जानकारी और मामले की वास्तविक स्थिति की जांच करें।

निष्कर्ष: बीएड लीगल टीम ने अपने बयान में चयनित B.Ed अभ्यर्थियों को लेकर चल रही आशंकाओं को अफवाह बताया है और कहा है कि चयनित अभ्यर्थियों को घबराने की जरूरत नहीं है। वहीं उपलब्ध सुप्रीम कोर्ट के आदेशों से यह स्पष्ट है कि B.Ed अभ्यर्थियों के संरक्षण से संबंधित आदेश विशिष्ट परिस्थितियों और नियुक्ति की स्थिति से जुड़े हैं, इसलिए प्रत्येक अभ्यर्थी की स्थिति को उसके नियुक्ति रिकॉर्ड और लागू न्यायालयीन आदेश के आधार पर ही देखा जाना चाहिए।

69000 शिक्षक भर्ती: चयनित बीएड अभ्यर्थियों को लेकर अफवाहों पर कानूनी टीम ने दी सफाई Rating: 4.5 Diposkan Oleh: Primary ka school

Social media link