विभागीय TET परीक्षा 3 नवंबर को, जनगणना ट्रेनिंग और BLO ड्यूटी में लगे शिक्षकों ने मांगा तैयारी के लिए अतिरिक्त समय
उत्तर प्रदेश में 3 नवंबर 2026 को प्रस्तावित विभागीय TET परीक्षा को लेकर शिक्षकों के सामने तैयारी के समय का संकट खड़ा हो गया है। जिन शिक्षकों की जनगणना प्रशिक्षण में ड्यूटी लगी है, उनके सामने सवाल है कि वे प्रशिक्षण और अन्य विभागीय जिम्मेदारियों के बीच परीक्षा की तैयारी कैसे पूरी करें। शिक्षकों की मांग है कि उन्हें परीक्षा की तैयारी के लिए अतिरिक्त समय दिया जाए, ताकि वे बेहतर तैयारी के साथ परीक्षा में शामिल हो सकें।
जनगणना ट्रेनिंग और विभागीय कार्यों के बीच परीक्षा की तैयारी मुश्किल
शिक्षकों का कहना है कि इन दिनों उन्हें शिक्षण कार्य के साथ-साथ कई अन्य सरकारी जिम्मेदारियां भी निभानी पड़ रही हैं। इनमें जनगणना से संबंधित प्रशिक्षण, SIR (विशेष गहन पुनरीक्षण) और BLO ड्यूटी जैसे कार्य शामिल हैं।
इन विभागीय कार्यों के चलते शिक्षकों को विभागीय TET परीक्षा की तैयारी के लिए पर्याप्त समय नहीं मिल पा रहा है। ऐसे में परीक्षा की निर्धारित तिथि नजदीक आने के साथ उनकी चिंता बढ़ती जा रही है।
शिक्षकों ने की लगभग एक माह का अतिरिक्त समय देने की मांग
शिक्षकों की मांग है कि विभागीय TET परीक्षा की तैयारी के लिए उन्हें लगभग एक माह का अतिरिक्त समय दिया जाए। उनका कहना है कि यदि परीक्षा की तिथि आगे बढ़ाई जाती है, तो वे अपनी तैयारी को व्यवस्थित कर सकेंगे और बेहतर तरीके से परीक्षा में शामिल हो पाएंगे।
शिक्षकों का मानना है कि परीक्षा में सफल होने के लिए पर्याप्त समय मिलना जरूरी है। जब शिक्षक विभिन्न विभागीय कार्यों में व्यस्त हैं, तो उनके लिए नियमित रूप से पढ़ाई करना कठिन हो रहा है।
3 नवंबर को परीक्षा, शिक्षकों के सामने बड़ा सवाल
यदि 3 नवंबर 2026 को ही परीक्षा आयोजित होती है, तो जनगणना प्रशिक्षण में शामिल शिक्षकों के लिए प्रशिक्षण और परीक्षा की तैयारी के बीच तालमेल बैठाना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। शिक्षकों का सवाल है कि जब उन्हें विभागीय कार्यों से पर्याप्त समय नहीं मिल पा रहा है, तो वे परीक्षा की तैयारी पूरी कैसे करें?
इसी को देखते हुए शिक्षक परीक्षा की तिथि आगे बढ़ाने और तैयारी के लिए अतिरिक्त समय उपलब्ध कराने की मांग कर रहे हैं।
क्या विभाग बढ़ाएगा परीक्षा की तारीख?
फिलहाल परीक्षा की तिथि बढ़ाए जाने के संबंध में किसी आधिकारिक निर्णय की पुष्टि उपलब्ध नहीं है। ऐसे में शिक्षकों को विभाग की ओर से जारी होने वाले आधिकारिक निर्देशों का इंतजार करना होगा।
