अधिकतम 6,908 रुपये तक मिलेगा बोनस: इसमें केवल इतना मिलेगा नकद , बाकी PF में
योगी सरकार ने प्रदेश के 14 लाख से अधिक कर्मचारियों को बोनस का तोहफा दिया है। बोनस की गणना के लिए मासिक परिलब्धियों की अधिकतम सीमा 7,000 रुपये निर्धारित की गई है। 30 दिन की परिलब्धियों के आधार पर गणना करने पर पात्र कर्मचारियों को अधिकतम 6,908 रुपये तक का तदर्थ बोनस मिलेगा। यह लाभ केवल उन्हीं कर्मियों को मिलेगा, जिन्होंने 31 मार्च 2026 तक कम से कम एक वर्ष की निरंतर सेवा पूर्ण कर ली हो। वर्ष 2025-26 के दौरान विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई या आपराधिक मुकदमे में दंडित कर्मचारियों को बोनस नहीं दिया जाएगा। जिन कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई या आपराधिक मुकदमा लंबित है, उनकी बोनस राशि का भुगतान दोषमुक्त होने पर किया जाएगा।
दैनिक वेतनभोगियों के लिए भी व्यवस्था: दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को भी तदर्थ बोनस का लाभ मिलेगा। इसके लिए 31 मार्च 2026 तक लगातार तीन वर्ष की सेवा पूरी होना आवश्यक है। साथ ही छह दिवसीय कार्य सप्ताह वाले कार्यालयों में प्रति वर्ष कम से कम 240 दिन और पांच दिवसीय कार्य सप्ताह वाले कार्यालयों में प्रति वर्ष 206 दिन कार्य करना अनिवार्य होगा।
75 प्रतिशत पीएफ में, 25 प्रतिशत नकद
शासनादेश के मुताबिक बोनस राशि का 75 प्रतिशत हिस्सा कर्मचारी के भविष्य निधि (पीएफ) खाते में जमा किया जाएगा। शेष 25 प्रतिशत राशि नकद दी जाएगी। जिन कर्मचारियों का पीएफ खाता नहीं है, उनके हिस्से की धनराशि राष्ट्रीय बचत पत्र (एनएससी) अथवा लोक भविष्य निधि (पीपीएफ) में जमा कराई जाएगी। 31 मार्च 2026 के बाद सेवानिवृत्त हो चुके कर्मचारियों और 30 अप्रैल 2027 तक सेवानिवृत्त होने वाले कर्मियों को बोनस की पूरी राशि नकद दी जाएगी। उनके मामले में पीएफ में जमा करने की व्यवस्था लागू नहीं होगी।

