मुक्त विश्वविद्यालय में शुरू करें तीन माह के कौशल विकास पाठ्यक्रम: राज्यपाल
प्रयागराज — उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं राज्य विश्वविद्यालयों की कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय (UPRTOU) को युवाओं को रोजगार व स्वरोजगार से जोड़ने के लिए तीन माह की अवधि वाले कौशल विकास पाठ्यक्रम शुरू करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि इन पाठ्यक्रमों की रूपरेखा स्थानीय आवश्यकताओं और रोजगार के अवसरों को केंद्र में रखकर तैयार की जानी चाहिए।
विश्वविद्यालय की समीक्षा बैठक के दौरान राज्यपाल ने रेखांकित किया कि मुक्त विश्वविद्यालय के पास दूरस्थ शिक्षा प्रणाली और क्षेत्रीय केंद्रों का एक सुदृढ़ व विस्तृत नेटवर्क है। इसके अलावा केंद्रों पर पर्याप्त स्थान और संसाधन भी मौजूद हैं। इन सभी सुविधाओं का प्रभावी उपयोग करते हुए युवाओं को रोजगारपरक प्रशिक्षण प्रदान किया जाना चाहिए। बैठक के उपरांत कुलपति प्रो. अखिलेश कुमार सिंह ने भी संबंधित संकाय सदस्यों को कौशल विकास पाठ्यक्रमों के व्यावहारिक प्रस्ताव तैयार करने को कहा।
विश्वविद्यालय परिसर के भ्रमण के दौरान राज्यपाल ने यमुना परिसर स्थित त्रिवेणी सामुदायिक केंद्र में संचालित क्षेत्रीय केंद्र का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अधिन्यास (असाइनमेंट) पुस्तिकाएं जमा करने आए छात्र-छात्राओं से संवाद कर उनके करियर, अध्ययन अनुभव और शिक्षण व्यवस्था का फीडबैक लिया। इसके साथ ही उन्होंने क्षेत्रीय केंद्र के क्षतिग्रस्त घोषित भवन के भूतल एवं प्रथम तल का मुआयना किया और मौके पर मौजूद जिलाधिकारी को भवन के अनुरक्षण व आवश्यक सुधारात्मक कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।
समीक्षा बैठक के अन्य प्रमुख निर्देश
नामांकन वृद्धि के लिए नवाचार: विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों की अपेक्षाकृत कम संख्या पर चिंता जताते हुए राज्यपाल ने कहा कि प्रवेश संख्या बढ़ाने के लिए नवाचारपूर्ण और व्यावहारिक कदम उठाए जाएं। उपयोगी तथा रोजगारपरक पाठ्यक्रमों का व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जाए।
नैक (NAAC) मूल्यांकन की अग्रिम तैयारी: आगामी नैक मूल्यांकन को दृष्टिगत रखते हुए प्रशासन को अभी से व्यवस्थित तैयारियां शुरू करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने निर्देशित किया कि पिछले मूल्यांकन में सामने आई कमियों को समयबद्ध तरीके से दूर किया जाए और इस संबंध में विस्तृत प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए।

