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Friday, November 6, 2026

प्रधानाचार्य भर्ती में अनुभव प्रमाणपत्र को लेकर विवाद, हाईकोर्ट पहुंचे शिक्षक

प्रधानाचार्य भर्ती में अनुभव प्रमाणपत्र को लेकर विवाद, हाईकोर्ट पहुंचे शिक्षक

प्रधानाचार्य भर्ती में अनुभव प्रमाणपत्र को लेकर विवाद, हाईकोर्ट पहुंचे शिक्षक; चयन के बाद भी प्रमाणपत्र सत्यापन की अनिवार्यता

प्रयागराज। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग की ओर से सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में प्रधानाचार्य एवं प्रधानाध्यापक के पदों पर चल रही भर्ती प्रक्रिया में अनुभव प्रमाणपत्र को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। चयन प्रक्रिया में शामिल कुछ शिक्षकों ने अनुभव प्रमाणपत्र की अनिवार्यता और सत्यापन प्रक्रिया को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।

आयोग की ओर से सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में प्रधानाचार्य के 1,475 और प्रधानाध्यापक के 1,172 पदों पर आवेदन मांगे गए थे। इस भर्ती में बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है।


चयन के बाद भी अनुभव प्रमाणपत्र देना अनिवार्य

मामले में अभ्यर्थियों की ओर से आरोप लगाया गया है कि अनुभव प्रमाणपत्र सक्षम अधिकारियों से अनुमोदित एवं प्रतिहस्ताक्षरित कराने में कई तरह की कठिनाइयां आ रही हैं। प्रमाणपत्रों के सत्यापन को लेकर भी शिक्षकों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है।


बताया गया है कि चयन आयोग ने स्पष्ट किया है कि चयन के बाद भी अभ्यर्थियों को अनुभव प्रमाणपत्र प्रस्तुत करना होगा। इसके लिए संबंधित विद्यालय के प्रधानाचार्य से हस्ताक्षरित प्रमाणपत्र आवेदन सहित जमा कराना आवश्यक होगा।


किन शिक्षकों को आ रही परेशानी?

इस प्रक्रिया से खासतौर पर ऐसे शिक्षकों को परेशानी हो रही है, जो पहले बीएड नहीं थे या जिनका शैक्षिक एवं सेवा संबंधी रिकॉर्ड अलग-अलग संस्थानों से जुड़ा है। इसके अलावा राजकीय एवं सहायता प्राप्त विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों के अनुभव प्रमाणपत्रों के सत्यापन को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।


कुछ अभ्यर्थियों का कहना है कि यदि अनुभव प्रमाणपत्र निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार उपलब्ध नहीं हो पाता है तो उनका अभ्यर्थन निरस्त होने का खतरा बना रहेगा।


प्रधानाचार्य, प्रबंधक और वित्त अधिकारी से सत्यापन की व्यवस्था

समाचार में दी गई जानकारी के अनुसार, प्रधानाचार्य, प्रबंधक, वित्त अधिकारी तथा संबंधित अधिकारियों से प्रमाणपत्रों का सत्यापन कराने की व्यवस्था को लेकर भी शिक्षकों में चिंता है। कई शिक्षक इस प्रक्रिया को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश चाहते हैं।


फिलहाल इस मामले में शिक्षकों की ओर से न्यायालय का रुख किया गया है। भर्ती प्रक्रिया में अनुभव प्रमाणपत्र की अनिवार्यता और सत्यापन को लेकर आगे क्या निर्णय होता है, इस पर अभ्यर्थियों की नजर बनी हुई है।


नोट: अनुभव प्रमाणपत्र से संबंधित नियमों और हाईकोर्ट में दाखिल याचिका के अंतिम निर्णय के संबंध में आधिकारिक आदेश आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होगी।


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