8th Pay Commission: 8वें वेतन आयोग के सामने केंद्रीय सरकारी शिक्षकों के संगठन ने कई बड़ी मांगें रखी हैं. इनमें पुरानी पेंशन योजना (OPS) बहाल करने, रिटायरमेंट उम्र 65 साल करने जैसी बातें शामिल हैं.
8th Pay Commission Latest Update: केंद्रीय शिक्षक संगठनों ने 8वें वेतन आयोग के सामने अपनी कई बड़ी मांगें रखी हैं. इनमें पुरानी पेंशन योजना (OPS) बहाल करने, रिटायरमेंट उम्र 65 साल करने, वेतन और भत्तों में समानता, प्रमोशन कोटा बढ़ाने, ज्यादा छुट्टियां और बेहतर मेडिकल सुविधाएं शामिल हैं. हालांकि, सरकार या आयोग द्वारा इसे अभी लागू करने को लेकर कोई फैसला नहीं सुनाया गया है.
65 साल की उम्र में हो रिटायरमेंट
शिक्षकों ने प्रस्ताव रखा है कि उनकी वर्तमान सेवानिवृत्ति आयु को 60 साल से बढ़ाकर 65 साल कर दिया जाए ताकि अनुभवी शिक्षकों को लंबे समय तक सेवा का लाभ मिल सके. उनकी एक और मांग नई पेंशन योजना (NPS) और यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) को खत्म कर पुरानी पेंशन योजना (OPS) को बहाल करने की भी है.
सैलरी और फिटमेंट फैक्टर भी बढ़े
एंट्री-लेवल के शिक्षकों की बेसिक सैलरी को बढ़ाकर 1,34,000 रुपये करने का भी प्रस्ताव दिया गया है. साथ ही फिटमेंट फैक्टर को 2.62 से बढ़ाकर 3.83 गुना करने का भी सुझाव दिया गया है. सालाना इंक्रीमेंट को 3% से बढ़ाकर 6-7% करने की भी मांग रखी गई है.
प्रिंसिपल के लिए प्रमोशन कोटा बढ़ाने की मांग
शिक्षक संगठनों की ओर प्रस्ताव रखा गया है कि प्रिंसिपल के पद पर 50% विभागीय शिक्षकों की नियुक्ति प्रमोशन के आधार पर हो, जबकि बाकी के 25% के लिए परीक्षा आधारित कोटा रखा जाए. इसके अलावा, हेड ऑफ सब्जेक्ट के नाम से एक नए प्रमोश्नल पद का भी प्रस्ताव है.
सरकारी शिक्षकों के लिए कुछ और बड़ी मांगें
मौजूदा समय में अधिकतम 300 दिनों की अर्जित छुट्टियों (Earned Leave) के बदले पैसे मिलते हैं, उसे बढ़ाकर 400 दिन करने की मांग है.
पुरुषों के लिए भी Child Care Leave की मांग की गई है.
65 साल की उम्र के बाद पेंशन में भी बढ़ोतरी करने की मांग है.
साल में 14 कैजुअल लीव, 20 मेडिकल लीव और 30 अर्न्ड लीव का प्रस्ताव है.
अब आगे क्या होगा?
फिलहाल आठवां वेतन आयोग देश भर के तमाम राज्यों के दौरे पर है, जहां विभिन्न कर्मचारी संगठनों व हितधारकों से बातचीत की जा रही है. कोई भी फैसला देश की आर्थिक स्थिति, वित्तीय संसाधनों और खर्चों का आकलन करने के बाद ही लिया जाएगा. पहले सिफारिशें केंद्र सरकारी को सौंपी जाएगी. उसके बाद ही अंतिम मुहर लगेगी.

