Primary Ka Master Latest Updates👇

Saturday, September 19, 2026

काशी में शिक्षा की नई सुबह: 1,143 परिषदीय विद्यालयों में 99.95% कायाकल्प, स्मार्ट क्लास से डिजिटल लाइब्रेरी तक सुविधाओं का विस्तार

 काशी में शिक्षा की नई सुबह: 1,143 परिषदीय विद्यालयों में 99.95% कायाकल्प, स्मार्ट क्लास से डिजिटल लाइब्रेरी तक सुविधाओं का विस्तार

वाराणसी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार की पहल से वाराणसी के परिषदीय विद्यालयों में शिक्षा और बुनियादी सुविधाओं को लेकर बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। जिले के 1,143 परिषदीय विद्यालयों में 99.95 प्रतिशत विद्यालयों का कायाकल्प पूरा होने का दावा किया गया है। स्कूलों में बेहतर भवन, स्वच्छ परिसर, स्मार्ट क्लास, आईसीटी लैब और डिजिटल लाइब्रेरी जैसी सुविधाएं विकसित की जा रही हैं।



गांवों के स्कूलों में बदली तस्वीर

कभी जर्जर भवन और सीमित सुविधाओं के लिए पहचाने जाने वाले कई विद्यालय अब आकर्षक और सुरक्षित परिसर के रूप में नजर आ रहे हैं। अभियान के तहत विद्यालयों में रंगाई-पुताई, टाइल्स, बिजली, शौचालय और अन्य बुनियादी सुविधाओं को बेहतर किया गया है।


वाराणसी में कुल 1,143 परिषदीय विद्यालय संचालित हैं, जिनमें 99 शहरी और 1,044 ग्रामीण क्षेत्र के विद्यालय शामिल हैं। वर्ष 2017 के बाद से बुनियादी ढांचे में सुधार के लिए चलाए गए कायाकल्प अभियान के तहत लगभग पूरे जिले में विद्यालयों की स्थिति में बदलाव आया है।


222 विद्यालयों में स्मार्ट क्लास

शिक्षा को आधुनिक तकनीक से जोड़ने के लिए जिले के 222 विद्यालयों में स्मार्ट क्लास, 109 विद्यालयों में आईसीटी लैब और 15 विद्यालयों में डिजिटल लाइब्रेरी स्थापित किए जाने की जानकारी दी गई है।


इन सुविधाओं के जरिए बच्चों को डिजिटल माध्यम से पढ़ाई का अवसर मिल रहा है। तकनीक आधारित शिक्षा से कठिन विषयों को बच्चों के लिए अधिक रोचक और आसानी से समझने योग्य बनाने पर जोर दिया जा रहा है।


शिक्षकों के प्रशिक्षण पर भी जोर

विद्यालयों में केवल भवन और तकनीकी सुविधाओं का विकास ही नहीं, बल्कि शिक्षकों की क्षमता बढ़ाने पर भी ध्यान दिया जा रहा है। DIKSHA ऐप के माध्यम से शिक्षकों को समय-समय पर डिजिटल प्रशिक्षण दिए जाने की जानकारी दी गई है। इसका उद्देश्य शिक्षकों को नई तकनीकों और आधुनिक शिक्षण विधियों से जोड़ना है।


अभिभावकों का बढ़ रहा भरोसा

बेहतर विद्यालय परिसर और आधुनिक सुविधाओं के चलते सरकारी स्कूलों के प्रति अभिभावकों का भरोसा बढ़ने की बात भी सामने आई है। विद्यालयों में बच्चों के लिए सुरक्षित, स्वच्छ और सीखने के अनुकूल वातावरण तैयार करने पर जोर दिया जा रहा है।


बच्चों की प्रतिभा को मिल रहा मंच

परिषदीय विद्यालयों के बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ विभिन्न गतिविधियों में भी भाग लेने के अवसर दिए जा रहे हैं। राष्ट्रीय आविष्कार अभियान, खेलकूद और विज्ञान से जुड़ी प्रतियोगिताओं के माध्यम से बच्चों की प्रतिभा को सामने लाने का प्रयास किया जा रहा है।


इसके अलावा विद्यालयों में बच्चों को यूनिफॉर्म, स्वेटर, जूते-मोजे, कॉपी-किताब और स्कूल बैग जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी की जा रही है।


शिक्षा व्यवस्था में बदलाव की ओर कदम


वाराणसी के परिषदीय विद्यालयों में बुनियादी ढांचे से लेकर डिजिटल शिक्षा तक किए जा रहे प्रयासों का उद्देश्य बच्चों को बेहतर शैक्षिक वातावरण उपलब्ध कराना है। कायाकल्प के साथ स्मार्ट क्लास, आईसीटी लैब, डिजिटल लाइब्रेरी और शिक्षक प्रशिक्षण जैसे कदम सरकारी स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक स्वरूप देने की दिशा में महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।



काशी में शिक्षा की नई सुबह: 1,143 परिषदीय विद्यालयों में 99.95% कायाकल्प, स्मार्ट क्लास से डिजिटल लाइब्रेरी तक सुविधाओं का विस्तार Rating: 4.5 Diposkan Oleh: UP UPDATEMART

Social media link