नियोजित शिक्षकों के प्रमाण पत्रों की फिर से होगी जांच
सीवान, हिसं. अब जिले के सभी प्रखंडों के नियोजित शिक्षकों के प्रमाण पत्रों की जांच की जायेगी। बताया जा रहा कि जिले में वर्ष 2015 तक नियोजित शिक्षकों के शैक्षणिक व प्रशैक्षणिक प्रमाण-पत्रों की निगरानी जांच को लेकर डीईओ कार्यालय ने सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिया है।
No.-इस संदर्भ में कार्यालय से जारी पत्र में संबंधित शिक्षकों के नियोजन के समय उपयोग किए गए प्रमाण-पत्रों के सत्यापित फोल्डर उपलब्ध कराने को कहा गया है। वहीं, जारी पत्र के अनुसार, उच्च न्यायालय में दायर सीडब्ल्यूजेसी 15469/2014 के तहत निगरानी जांच संख्या बीएसओ 08/2015 दर्ज है। वर्ष 2015 तक नियोजित शिक्षकों के प्रमाण-पत्रों की जांच निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, पटना द्वारा की जा रही है। अब सत्यापित फोल्डर उपलब्ध कराने के बाद उसे निगरानी अन्वेषण
■सत्यापित फोल्डर भेजे जायेंगे अन्वेषण ब्यूरो को
■वर्ष 2015 तक के प्रमाण-पत्रों की जांच अन्वेषण ब्यूरो कर रही
ब्यूरो को भेजने की बात कही गई है। इधर, नियोजित शिक्षकों का कहना है कि वह अब तक दर्जन से अधिक बार अपने शैक्षणिक व प्रशैक्षणिक प्रमाण-पत्र विभिन्न स्तरों पर उपलब्ध करा चुके हैं। ऐसे में एक बार फिर प्रमाण-पत्रों की सत्यापित फोल्डर मांगे जाने से शिक्षकों के बीच यह सवाल उठ रहा है कि आखिर निगरानी की यह जांच कब तक पूरी होगी और इसका अंतिम निष्कर्ष कब सामने आएगा। बहरहाल, शिक्षकों का कहना है कि लंबे समय से प्रमाण-पत्रों की जांच की प्रक्रिया चल रही है। बार-बार दस्तावेज उपलब्ध कराने के बावजूद जांच पूरी नहीं होने से शिक्षकों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है।

