फर्जी दिव्यांग प्रमाणपत्र पर शिक्षक की नौकरी खतरे में, डीईओ ने किया निलंबित
सरकारी नौकरी के लिए फर्जी दिव्यांग प्रमाणपत्र का सहारा लेना एक शिक्षक को भारी पड़ गया। जांच में प्रमाणपत्र और नियोजन से जुड़े दस्तावेजों में गंभीर विसंगतियां मिलने के बाद जिला शिक्षा पदाधिकारी ने बैकुंठपुर प्रखंड के बनकटी उत्तर उत्क्रमित मध्य विद्यालय के विशिष्ट शिक्षक पंकज कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी शुरू की गई है। जिला शिक्षा कार्यालय के आदेश के अनुसार, शिक्षक के नियोजन की वैधता को लेकर शिकायत मिलने पर सुनवाई की गई। जांच में सामने आया कि शिक्षक का पंचायत सचिव द्वारा नियोजन 9 मार्च 2007 को किया गया था, जबकि उनके द्वारा प्रस्तुत दिव्यांग प्रमाणपत्र 13 फरवरी 2001 का बताया गया। वहीं, एक अन्य दिव्यांगता प्रमाणपत्र प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, बैकुंठपुर से 13 अक्टूबर 2014 को निर्गत होना बताया गया। प्रमाणपत्रों की जांच में हस्ताक्षर को लेकर भी सवाल उठे। जांच के दौरान शिक्षक द्वारा बिहार संस्कृत शिक्षा बोर्ड, पटना से जारी प्रमाणपत्र तथा विद्यालय परित्याग प्रमाणपत्र प्रस्तुत किए गए। विभागीय आदेश में इन दस्तावेजों की प्रमाणिकता और नियोजन की वैधता पर गंभीर सवाल दर्ज किए गए हैं। विभाग ने प्रथम दृष्टया विभाग के साथ धोखाधड़ी कर शिक्षक पद का लाभ लेने, नियोजन इकाई एवं विभाग को गुमराह करने, कर्तव्य के प्रति लापरवाही, सरकारी सेवक के आचरण के प्रतिकूल कार्य करने, अवैध एवं अनुचित वेतन भुगतान प्राप्त करने तथा जानबूझकर अवैध एवं फर्जी प्रमाणपत्र के आधार पर नियोजन कराने के आरोप लगाए हैं। निलंबन अवधि में उन्हें जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा और मुख्यालय प्रखंड संसाधन केंद्र, विजयीपुर निर्धारित किया गया है।
