प्रशिक्षण में भाग नहीं ले रहे शिक्षक, अब सख्त कार्रवाई होगी
सेवाकालीन प्रशिक्षण के लिए ई-शिक्षा कोष के माध्यम से टैग किए गए शिक्षकों की शत प्रतिशत उपस्थिति के लिए राज्य शिक्षा शोध एवं प्रशिक्षण परिषद ने कड़ा रुख अपनाया है। एससीईआरटी निदेशक यतेन्द्र कुमार पाल ने सभी डीईओ और डीपीओ (एसएसए) को यह जिम्मेदारी दी है कि अपने अधीनस्थ सभी शिक्षकों की प्रशिक्षण में सौ फीसदी उपस्थिति सुनिश्चित कराएं। यदि कोई शिक्षक प्रशिक्षण में शामिल होने से असमर्थ हैं तो सक्षम प्राधिकार से पूर्वानुमति लेना अनिवार्य होगा। निदेशक ने कहा है कि बिना पूर्वानुमति प्रशिक्षण से अनुपस्थित रहने वाले शिक्षकों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। अफसरों को यह भी ताकीद की गई है कि ऐसे शिक्षकों पर की गई कार्रवाई से वे निदेशक अवगत कराएं।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत यह प्रशिक्षण जरूरीनिदेशक ने पत्र में लिखा है कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के आलोक में सरकारी विद्यालयों के शिक्षकों को सतत व्यावासायिक विकास के लिए सेवाकालीन प्रशिक्षण लेना है। इसके लिए ई-शिक्षा कोष पोर्टल के माध्यम से उन्हें टैग किया जा रहा है। पूर्व में निर्धारित लक्ष्य के अनुरुप इस वित्तीय वर्ष में प्रशिक्षण को टैग किए गए शिक्षक अपेक्षित संख्या में योगदान नहीं दे रहे हैं। डीईओ को लिखे पत्र में यह कहा गया है कि आपके स्तर से प्रशिक्षण में शिक्षकों की उपस्थिति सुनिश्चित कराने के लिए अनुश्रवण और प्रभावी कार्रवाई नहीं जा रही है। आपके स्तर से विभागीय कार्रवाई प्रतिवेदन से विभाग को अवगत नहीं कराया गया है। इस विषय में किसी भी प्रकाार की शिथिलता, उदासीनता और लापरवाही को लेते हुए उत्तरदायित्व निर्धारित किया जाएगा।

