व्यवस्था में सुधार 10 लोग एक विद्यालय में पहुँचकर इस तरह की गुंडागर्दी करेंगे तो शिक्षक बेचारे तो हो ही जायेंगे।
कॉकरोचों अगर व्यवस्था सुधार लाने का इतना भूत सवार है तो पहले विद्यालयी समस्यायों को पता करो और उसे लेकर विभागीय शासन- प्रशासन के मुख्य सचिव ,प्रमुख सचिव से इसी भाषा मे बात करो।
केंद्र सरकार इस तरह की गुंडागर्दी को यदि नही रोक पा रही है तो उनकी विफलता है। इस तरह की अराजकता अगर फैलेगी तो इस देश मे अस्थिरता तय है।
इन कॉकरोचों पर एक कहावत याद आ रही है कि - " घोड़ा को न पाए तो गधे का ही कान उखाड़े" देहाती भाषा मे "घोड़वा के न पावै त गधहवै के कान उखाड़ें"।।
