टीआरइ-1, टीआरइ-2 व टीआरइ 3 शिक्षकों की अर्हता जांच हुई तेज
बिहार में शिक्षक नियुक्ति की प्रक्रिया के तहत नियुक्त टीआरइ-1, टीआरइ-2 और टीआरइ-3 के शिक्षकों की निर्धारित अर्हता की जांच को लेकर शिक्षा विभाग ने कार्रवाई तेज कर दी है. सभी जिलों से संबंधित शिक्षकों के प्रमाणपत्र उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है. यह मामला राज्य स्तर पर शिक्षक नियुक्ति में प्रमाणपत्रों के सत्यापन और अर्हता जांच की प्रक्रिया से जुड़ा है. टीआरइ-1, टीआरइ-2 एवं टीआरइ-3 के तहत नियुक्त एवं वर्तमान में विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों की निर्धारित अर्हता की जांच कर जांच प्रतिवेदन उपलब्ध कराने का निर्देश पूर्व में दिया गया था.
इससे पहले नवंबर 2025 के माध्यम में भी सभी जिलों में टीआरइ-1, टीआरइ 2, टीआरइ-3 के तहत नियुक्त एवं कार्यरत विद्यालय अध्यापकों की अर्हता जांच के लिए आवश्यक प्रमाण-पत्रों की स्व-अभिप्रमाणित छायाप्रति उपलब्ध कराने को कहा गया है. इसके बावजूद कई जिलों से प्रमाण-पत्रों की छायाप्रति कार्यालय को प्राप्त नहीं हुई है. शिक्षकों की अर्हता जांच के लिए स्व-अभिप्रमाणित छायाप्रति में सभी शैक्षणिक एवं प्रशैक्षणिक प्रमाण-पत्र, शिक्षक पात्रता परीक्षा उत्तीर्णता प्रमाणपत्र जाति प्रमाणपत्र, निवास प्रमाणपत्र, नियुक्ति पत्र आदि देना है.
