बगैर बायोमीट्रिक उपस्थिति वेतन लिया तो होगी वसूली
पटना : पंचायत सरकार भवनों में कार्यरत कर्मियों के लिए बायोमीट्रिक उपस्थिति अनिवार्य है। यदि बगैर बायोमीट्रिक उपस्थिति के वेतन लिया तो वसूली की जाएगी। पंचायती राज विभाग की समीक्षा के दौरान यह निर्देश दिया गया है। समीक्षा में यह जानकारी सामने आई कि फिलहाल बगैर बायोमीट्रिक उपस्थिति के वेतन भुगतान किया जा रहा है।
पंचायतकर्मियों की नहीं लग रही बायोमीट्रिक उपस्थिति नपेंगे डीपीआरओ
प्रदर्शन आधारित मानीटरिंग होगी, खराब प्रदर्शन पर संबंधित पदाधिकारियों से होगा शोकाज
शिथिलता को गंभीर लापरवाही मानते हुए जिला पंचायत राज पदाधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की चेतावनी दी गई। इसकी मानीटरिंग का दायित्व जिला उप विकास आयुक्तों (डीडीसी) को
दिया गया है। शासन स्तर हुई समीक्षा के दौरान गड़बड़ी पकड़ में आने पर पंचायती राज विभाग के सचिव मनोज कुमार ने सभी डीडीसी को निर्देश दिया है।
कहा है कि प्रदर्शन आधारित मानीटरिंग सुनिश्चित कराएं, खराब प्रदर्शन पर संबंधित पदाधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करें। शासन ने स्पष्ट निर्देश दिया कि पंचायत सरकार भवनों में कार्यरत कर्मियों का वेतन केवल बायोमीट्रिक उपस्थिति के आधार पर ही भुगतान किया जाए। यदि
बिना बायोमीट्रिक उपस्थिति के वेतन भुगतान किया जाता है तो इसकी जवाबदेही संबंधित जिला पंचायत राज पदाधिकारी की होगी तथा आवश्यकतानुसार उनके वेतन से राशि की वसूली की जाएगी।
भवन निर्माण विभाग की ओर जहां-जहां पंचायत सरकार भवनों का हस्तांतरण हो चुका है, उन्हें शीघ्र क्रियाशील बनाया जाए तथा हस्तांतरित एवं क्रियाशील भवनों की निरंतर मानीटरिंग सुनिश्चित की जाए। यदि किसी पंचायत सरकार भवन को क्रियाशील बनाने
में अनावश्यक विलंब होता है तो संबंधित प्रखंड पंचायत राज पदाधिकारी एवं पंचायत सचिव की जवाबदेही तय की जाएगी।
उन्होंने सभी उप विकास आयुक्तों को निर्देशित किया कि वे स्वयं पंचायत सरकार भवनों का नियमित निरीक्षण करें और यह सुनिश्चित करें कि भवनों में सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हों। जहां किसी प्रकार की कमी पाई जाए, वहां संबंधित कर्मियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

