खगोलीय घटना : आसमान में दिखेगी छह ग्रहों की अद्भुत परेड
लखनऊ। खगोल विज्ञान के शौकीनों के लिए अगस्त का महीना रोमांच और दुर्लभ खगोलीय घटनाओं से भरपूर रहेगा। इस दौरान आसमान में छह ग्रहों की परेड, पर्सीड उल्कावर्षा, पूर्ण सूर्यग्रहण, श्रावणी पूर्णिमा और चंद्रमा की विभिन्न ग्रहों के साथ युति जैसे कई आकर्षक नजारे देखने को मिलेंगे। इनमें सबसे खास आकर्षण 12 से 18 अगस्त के बीच दिखाई देने वाली छह ग्रहों की परेड और 12-13 अगस्त की रात अपने चरम पर पहुंचने वाली पर्सीड उल्कावर्षा होगी
इंदिरा गांधी नक्षत्रशाला के प्रभारी अधिकारी सुमित श्रीवास्तव के अनुसार 12 से 18 अगस्त के बीच बृहस्पति, बुध, मंगल, यूरेनस, शनि और नेपच्यून पृथ्वी से देखने पर एक टेढ़ी रेखा में दिखाई देंगे। यह दुर्लभ संरेखण पूर्व दिशा से दक्षिण-पश्चिम की ओर नजर आएगा। इसे देखने का सबसे उपयुक्त समय रात दो बजे के बाद रहेगा। बृहस्पति, बुध, मंगल और शनि को खुली आंखों से देखा जा सकेगा, जबकि यूरेनस और नेपच्यून के लिए दूरबीन की जरूरत होगी। उन्होंने बताया कि जब ग्रह अपनी कक्षाओं में घूमते हुए पृथ्वी से देखने पर एक दिशा में दिखते हैं तब परेड दिखतीं हैं। इससे पहले 17 जून को ग्रहों का ऐसा संरेखण देखने को मिला था।
12 को होगा पूर्ण सूर्यग्रहण भारत में असर नहीं होगा
12 अगस्त को पूर्ण सूर्यग्रहण भी लगेगा, हालांकि यह भारत में दिखाई नहीं देगा। ग्रहण रात 9:04 बजे शुरू होकर भोर 4:25 बजे समाप्त होगा। इसका असर ग्रीनलैंड, आइसलैंड, स्पेन, पुर्तगाल के कुछ हिस्सों में देखा जा सकेगा। 28 अगस्त को पश्चिमी देशों में पूर्ण चंद्रमा यानी ‘स्टर्जन मून’ भी होगा।
12-13 अगस्त की रात चरम पर होगी उल्कावर्षा
पर्सीड उल्कावर्षा की शुरुआत भले ही 14 जुलाई से हो चुकी है, लेकिन 12 और 13 अगस्त की रात इसका चरम रहेगा। साफ मौसम रहने पर प्रति घंटे 50 से 100 उल्काएं आसमान में चमकती दिखाई दे सकती हैं। यह स्विफ्ट-टटल धूमकेतु द्वारा छोड़े गए धूल और चट्टानी कणों के पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश करने से बनता है।
12 से 18 अगस्त तक दिखेगी परेड, 12 और 13 अगस्त की रात प्रति घंटे 50 से 100 उल्का बारिश होंगी

