Primary Ka Master Latest Updates👇

Thursday, September 17, 2026

भर्ती में अड़चन: 11508 भर्ती में शिक्षामित्रों को नहीं मिलेगा भारांक

भर्ती में अड़चन: 11508 भर्ती में शिक्षामित्रों को नहीं मिलेगा भारांक

सुप्रीम कोर्ट ने इस भर्ती में भारांक देने का दिया था आदेश, राम शरण मौर्य के केस में नवंबर 2020 में आया था आदेश


प्रयागराज। परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों में साढ़े सात साल बाद शुरू हुई 11508 सहायक अध्यापकों की भर्ती से प्रदेश के लगभग 1.42 लाख शिक्षामित्रों को निराशा हाथ लगी है। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग की ओर से जारी विज्ञापन में शिक्षामित्रों को सेवानिवृत्ति की आयु (60 साल) तक आवेदन के लिए अर्ह माना है, लेकिन भारांक का कोई जिक्र नहीं है। राम शरण मौर्य के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने 18 नवंबर 2020 को आदेश दिया था कि शिक्षामित्रों को अगली चयन प्रक्रिया में प्रतिस्पर्धा करने का एक और अवसर प्रदान किया जाएगा।




शीर्ष अदालत ने यह राज्य सरकार के विवेक पर छोड़ा था कि इस अवसर का लाभ शिक्षामित्र किस प्रकार और किन प्रक्रियाओं/ व्यवस्थाओं के तहत उठा सकेंगे। यही नहीं 69000 शिक्षक भर्ती के कटऑफ विवाद के मामले में सरकार ने 12 जून 2020 को दाखिल इंटरक्यूलेटरी एप्लीकेशन में सुप्रीम कोर्ट को यह जानकारी दी थी कि उस समय शिक्षकों के रिक्त 51112 पदों की भर्ती में शिक्षामित्रों के हितों का ध्यान रखा जाएगा।




इससे पहले जुलाई 2017 में 1.37 लाख शिक्षामित्रों के सहायक अध्यापक पद पर समायोजन निरस्त होने बाद रिक्त हुए पदों के सापेक्ष आई 68500 और 69000 भर्ती में शिक्षामित्रों को अनुभव के आधार पर दस से 25 अंक तक का भारांक मिला था। शिक्षामित्रों को उम्मीद थी कि इस भर्ती में भारांक मिलेगा लेकिन निराशा हाथ लगी है।




26 वर्षों की सेवा के बाद शिक्षक भर्ती में भारांक न देना शिक्षामित्रों के साथ धोखा है। शिक्षामित्रों ने झूठी आशा में अपनी तीन पीढ़ी बर्बाद कर दी है, लेकिन आज भी दोनों हाथ खाली हैं। शिक्षामित्रों को इस भर्ती में वेटेज (भारांक) देना चाहिए।


-अनिल यादव, प्रदेश अध्यक्ष उत्तर प्रदेश बीटीसी शिक्षक संघ।


प्रयागराज। बिना टीईटी सहायक अध्यापक पद पर समायोजित 1.37 लाख शिक्षामित्रों का समायोजन सुप्रीम कोर्ट ने जुलाई 2017 में निरस्त कर दिया था। शीर्ष अदालत के आदेश पर प्रदेश सरकार ने 68500 और 69000 भर्ती में शिक्षामित्रों को भारांक दिया था। दोनों ही भर्तियों में क्रमश: लगभग सात और आठ हजार शिक्षामित्रों को ही नौकरी मिल सकी थी। अब तक 90 हजार से अधिक शिक्षामित्र टीईटी पास कर चुके हैं। इन शिक्षामित्रों का कहना है कि चूंकि वह शिक्षक पद के सापेक्ष कार्य कर रहे हैं और एनसीटीई की अधिसूचना के अनुसार सहायक अध्यापक पद की न्यूनतम अर्हता धारित करते हैं इसलिए उन्हें समायोजित कर दिया जाए।





भर्ती में अड़चन: 11508 भर्ती में शिक्षामित्रों को नहीं मिलेगा भारांक Rating: 4.5 Diposkan Oleh: UP UPDATEMART

Social media link